प्रकाशित: 9 जून 2026बिज़नेस स्टैंडर्डअर्थव्यवस्था
RBI ने देशभर के 135 एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाण-पत्र रद्द किए
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 10 जून 2026 को देशभर के 135 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के पंजीकरण प्रमाण-पत्र (CoR) रद्द कर दिए। यह कार्रवाई भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-IA(6) के तहत की गई, जो RBI को नियामक शर्तों का पालन न करने, एनबीएफसी कारोबार बंद कर देने, या पंजीकरण की शर्तों के उल्लंघन पर प्रमाण-पत्र रद्द करने का अधिकार देती है।
रद्द किए गए 135 एनबीएफसी में से 125 के पंजीकृत कार्यालय पश्चिम बंगाल — मुख्यतः कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों — में थे। शेष 10 कंपनियाँ महाराष्ट्र (4), दिल्ली (2), मध्य प्रदेश (1), मणिपुर (1), तमिलनाडु (1) और तेलंगाना (1) में थीं।
जिन प्रमुख कंपनियों के पंजीकरण रद्द किए गए उनमें Express Fincap House, Akshay Fiscal Services, Times Finance (P), Jupiter Projects (P), Jupiter Finvest, Essel Finance Business Loans और Citiwide Financial Services शामिल हैं। इन कंपनियों को मूल प्रमाण-पत्र 1998 से 2022 के बीच प्रदान किए गए थे।
इसके अतिरिक्त, 13 एनबीएफसी ने स्वेच्छा से अपने पंजीकरण प्रमाण-पत्र RBI को लौटा दिए। इसके कारणों में एनबीएफसी व्यवसाय से बाहर निकलना, विलय, समामेलन, विघटन और कंपनी रजिस्टर से स्वैच्छिक रूप से नाम हटवाना शामिल हैं।
यह बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई एनबीएफसी क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा निष्क्रिय एवं नियम-उल्लंघन करने वाली संस्थाओं को वित्तीय प्रणाली से हटाने की RBI की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जून 2026 में आरबीआई द्वारा 135 एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाण-पत्र (CoR) रद्द किए जाने के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ये रद्दगी भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-IA(6) के तहत की गई।
2. रद्द किए गए एनबीएफसी में से अधिकांश के पंजीकृत कार्यालय महाराष्ट्र में थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या · सही उत्तर Aकथन 1 सही है: आरबीआई ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-IA(6) का प्रयोग किया — यही वह विशिष्ट प्रावधान है जो आरबीआई को एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाण-पत्र रद्द करने का अधिकार देता है। कथन 2 गलत है: रद्द किए गए 135 में से 125 एनबीएफसी पश्चिम बंगाल में स्थित थीं, महाराष्ट्र में नहीं। महाराष्ट्र में केवल 4 संस्थाएं थीं। अतः केवल कथन 1 सही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
RBI ने एनबीएफसी का पंजीकरण किस कानूनी प्रावधान के तहत रद्द किया?
RBI ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-IA(6) का प्रयोग किया, जो उसे एनबीएफसी को दिए गए पंजीकरण प्रमाण-पत्र रद्द करने का अधिकार देती है।
जून 2026 में कितने एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाण-पत्र रद्द हुए और किस राज्य में सबसे अधिक थे?
RBI ने 135 एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाण-पत्र रद्द किए। पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 125 संस्थाएं थीं, इसके बाद महाराष्ट्र (4) और दिल्ली (2) थे।
पंजीकरण प्रमाण-पत्र की रद्दगी और समर्पण में क्या अंतर है?
रद्दगी RBI की नियामक कार्रवाई है, जो नियम न मानने वाली संस्थाओं पर की जाती है; जबकि समर्पण स्वैच्छिक होता है — जब एनबीएफसी स्वयं व्यवसाय छोड़ना चाहे, विलय हो, विघटन हो या कंपनी रजिस्टर से स्वैच्छिक रूप से नाम हटवाया जाए।
कुछ एनबीएफसी के नाम बताइए जिनका पंजीकरण रद्द किया गया।
Express Fincap House, Akshay Fiscal Services, Times Finance (P), Essel Finance Business Loans, Jupiter Projects (P), Jupiter Finvest और Citiwide Financial Services।
पंजीकरण प्रमाण-पत्र रद्द होने का एनबीएफसी पर क्या प्रभाव पड़ता है?
पंजीकरण प्रमाण-पत्र रद्द होने के बाद वह संस्था कानूनी रूप से एनबीएफसी के रूप में कार्य नहीं कर सकती — न जमाएं स्वीकार कर सकती है, न ही उधार देने या निवेश की एनबीएफसी गतिविधियाँ कर सकती है।