प्रकाशित: 3 मार्च 2026अर्थव्यवस्था
RBI और बैंक ऑफ जापान ने $75 अरब द्विपक्षीय स्वैप व्यवस्था का नवीनीकरण किया
भारतीय रिजर्व बैंक और बैंक ऑफ जापान ने 28 फरवरी 2026 से प्रभावी 75 अरब अमेरिकी डॉलर की द्विपक्षीय स्वैप व्यवस्था का नवीनीकरण किया। यह व्यवस्था दोनों देशों के बीच वित्तीय सहयोग को मजबूत करती है और अल्पकालिक तरलता संबंधी कठिनाइयों से निपटने तथा मौजूदा अंतरराष्ट्रीय भंडार को सहारा देने के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है।
स्वैप सुविधा से दोनों केंद्रीय बैंक अपनी-अपनी मुद्राओं (भारतीय रुपया और जापानी येन) को अमेरिकी डॉलर से विनिमय कर सकते हैं, जिससे भारत के बाह्य क्षेत्र की स्थिरता पर भरोसा मजबूत होता है। जापान JICA ऋण के ज़रिए भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में एक प्रमुख भागीदार रहा है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
RBI की CRR कटौती से नवंबर 2025 के अंत तक लगभग कितनी तरलता आएगी?
व्याख्या · सही उत्तर Cचरणबद्ध CRR कटौती से बैंकिंग प्रणाली में लगभग ₹2.5 लाख करोड़ की तरलता आएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
RBI और बैंक ऑफ जापान ने फरवरी 2026 में क्या नवीनीकृत किया और कितनी राशि के लिए?
**भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)** और **बैंक ऑफ जापान** ने 28 फरवरी 2026 से लागू **USD 7,500 करोड़ की द्विपक्षीय स्वैप व्यवस्था** का नवीनीकरण किया।
RBI-बैंक ऑफ जापान द्विपक्षीय स्वैप व्यवस्था कैसे काम करती है?
**USD 7,500 करोड़ स्वैप सुविधा** दोनों केंद्रीय बैंकों को **भारतीय रुपये और जापानी येन** का अमेरिकी डॉलर के साथ विनिमय करने की सुविधा देती है।
JICA और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में जापान ने भारत को क्या सहयोग दिया है?
**जापान** ने **जाइका के ऋण** से मेट्रो रेल, बुलेट ट्रेन (मुंबई-अहमदाबाद HSR) और औद्योगिक गलियारे परियोजनाओं में सहयोग किया है।
RBI-बैंक ऑफ जापान स्वैप व्यवस्था भारत के बाह्य क्षेत्र की स्थिरता के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
**USD 7,500 करोड़ द्विपक्षीय स्वैप व्यवस्था** अल्पकालीन तरलता कठिनाइयों से निपटने और अंतरराष्ट्रीय भंडार को पूरक सहारा देने के लिए सुरक्षा जाल उपलब्ध कराती है। यह 28 फरवरी 2026 से लागू है।
भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय स्वैप व्यवस्था कितने की है?
**RBI-बैंक ऑफ जापान द्विपक्षीय स्वैप व्यवस्था USD 7,500 करोड़** की है, जिसे 28 फरवरी 2026 से नवीनीकृत किया गया है। इससे **रुपये और येन** को अमेरिकी डॉलर के बदले विनिमय करने की सुविधा मिलती है।