प्रकाशित: 3 मार्च 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
RBI और बैंक ऑफ जापान ने $75 अरब की द्विपक्षीय स्वैप व्यवस्था नवीनीकृत की, 28 फरवरी 2026 से प्रभावी
4 मार्च 2026 के आसपास, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने 28 फरवरी 2026 से प्रभावी $75 अरब की द्विपक्षीय स्वैप व्यवस्था (BSA) का नवीनीकरण किया। इस व्यवस्था से दोनों केंद्रीय बैंक वित्तीय तनाव के समय अमेरिकी डॉलर के बदले अपनी घरेलू मुद्राओं की अदला-बदली कर सकते हैं।
द्विपक्षीय स्वैप व्यवस्थाएँ वित्तीय सुरक्षा-जाल की तरह काम करती हैं। इनके जरिए देश अपने भंडार को घटाए बिना विदेशी मुद्रा की तरलता हासिल कर सकते हैं। भारत-जापान BSA, जो पहली बार 2018 में स्थापित हुई थी, दोनों देशों के बीच गहरी रणनीतिक और वित्तीय साझेदारी को दर्शाती है। जापान भारत के सबसे बड़े द्विपक्षीय विकास वित्त भागीदारों में से एक है।
भारत के लिए, ऐसी व्यवस्थाएँ बाह्य क्षेत्र को अधिक लचीला बनाती हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रुपये पर विश्वास का संकेत देती हैं।
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जुड़ा प्रश्नआसान
RBI और बैंक ऑफ जापान द्वारा $75 अरब की द्विपक्षीय स्वैप व्यवस्था के नवीनीकरण से जुड़ा घटनाक्रम मुख्य रूप से किस श्रेणी में आता है?
व्याख्या · सही उत्तर Aभारत-जापान द्विपक्षीय स्वैप व्यवस्था का नवीनीकरण अर्थव्यवस्था और व्यापार से जुड़ा घटनाक्रम है, क्योंकि यह दोनों मौद्रिक प्राधिकरणों के बीच मुद्रा-स्वैप सुविधा से संबंधित है। व्यवस्था की सीमा $75 अरब बनी रही और यह 28 फरवरी 2026 से प्रभावी हुई।