नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने 9 दिसंबर 2025 को इंडिगो के खिलाफ कार्रवाई कड़ी की। अनिवार्य उड़ान अनुसूची कटौती 5% से बढ़ाकर 10% कर दी गई, यानी लगभग 220-230 दैनिक उड़ानें, जबकि अकेले नवंबर 2025 में 951 रद्दीकरण हुए थे। DGCA के FCTL नियमों का अनुपालन न होने से 2 दिसंबर से 4,500+ रद्दीकरण हुए। इंडिगो की 60%+ घरेलू बाजार हिस्सेदारी और 2,200 दैनिक उड़ानों के कारण इस संकट का उपभोक्ताओं पर व्यापक असर पड़ा। EU के EC 261/2004 के विपरीत, भारत में स्वचालित मुआवजे का अभाव है, जिससे हवाई यात्री अधिकार कानून पर बहस तेज हो गई है।