8 दिसंबर 2025 IndiGo उड़ान संकट में राहत का दिन साबित हुआ — 5 दिसंबर को DGCA द्वारा दी गई आपातकालीन छूट के बाद रद्द उड़ानों की संख्या घटने लगी। 2 दिसंबर से शुरू हुए इस संकट में दस दिनों में लगभग 4,500 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें सबसे बुरा दिन 5 दिसंबर रहा जब करीब 1,600 उड़ानें रद्द हुईं। भारत के घरेलू हवाई बाजार में 60% से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले IndiGo ने 1 नवंबर 2025 से लागू नए FDTL नियमों के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की थी। इन नियमों में पायलटों की अनिवार्य साप्ताहिक छुट्टी 36 से 48 घंटे कर दी गई थी और प्रति पायलट प्रति सप्ताह रात्रि लैंडिंग केवल दो तक सीमित कर दी गई थी। 5 दिसंबर की DGCA छूट में 'रात' की परिभाषा में संशोधन, छह रात्रि लैंडिंग की अनुमति और साप्ताहिक विश्राम की जगह अवकाश देने पर लगा प्रतिबंध हटाना शामिल था। 8 दिसंबर तक संचालन स्थिर होने लगा था। इस संकट से भारतीय विमानन क्षेत्र की प्रणालीगत कमजोरियाँ सामने आईं — एयरलाइनों की अपर्याप्त क्रू योजना, सुरक्षा नियमों और परिचालन मांगों के बीच तनाव और DGCA निगरानी की आवश्यकता।