एक ऐतिहासिक वन्यजीव संरक्षण अभियान में, मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से तीन वर्षीय बाघिन PN-224 को 22–23 दिसंबर 2025 को राजस्थान के बूँदी जिले के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में हवाई मार्ग से लाया गया — यह भारत का दूसरा अंतर-राज्यीय बाघ स्थानान्तरण और राजस्थान में पहला ऐसा स्थानान्तरण था। इस अभियान को NTCA, मध्य प्रदेश और राजस्थान वन विभागों तथा भारतीय वायु सेना ने संयुक्त रूप से संचालित किया। बेहोश की गई बाघिन को MP के सुकत्रा एयरस्ट्रिप से जयपुर तक MI-17 हेलीकॉप्टर से ले जाया गया। बूँदी जिले में स्थित रामगढ़ विषधारी को 2022 में राजस्थान का चौथा और भारत का 52वाँ टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। अंतर-राज्य बाघ पुनर्परिचय कार्यक्रम के तहत PN-224 को यहां बसाने का उद्देश्य आनुवंशिक विविधता बढ़ाना, जनसंख्या स्थिरता में सुधार करना और रामगढ़ विषधारी को एक आत्मनिर्भर बाघ आवास के रूप में मजबूत करना है। भारत की 2022 की राष्ट्रीय बाघ जनगणना में 3,682 बाघ गिने गए — विश्व में सर्वाधिक — जो वैश्विक जंगली बाघ आबादी का 75% प्रतिनिधित्व करते हैं।