भारतीय सेना ने 3 जनवरी 2026 को इज़रायल के एल्बिट सिस्टम्स के सहयोग से भारतीय रक्षा निर्माता NIBE Ltd. के साथ सूर्यास्त्र रॉकेट सिस्टम को शामिल करने के लिए ₹293 करोड़ (लगभग USD 3.5 करोड़) के आपातकालीन खरीद अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। सूर्यास्त्र भारत का पहला स्वदेशी सार्वभौमिक बहु-कैलिबर लंबी दूरी का रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जो एल्बिट सिस्टम्स की PULS (प्रेसाइज़ एंड यूनिवर्सल लॉन्चिंग सिस्टम) तकनीक पर आधारित है — जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित प्रौद्योगिकी सहयोग समझौते के तहत अनुकूलित। यह प्रणाली 150 किमी और 300 किमी की दूरी पर सटीक सतह-से-सतह प्रहार कर सकती है और एक ही लॉन्च प्लेटफ़ॉर्म पर कई प्रकार के रॉकेट और मिसाइल जोड़ सकती है। आपातकालीन खरीद मार्ग से हुआ यह अनुबंध उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर क्षमता अंतराल को शीघ्र पाटने की सेना की प्राथमिकता दिखाता है। पहली उत्पादन इकाइयों की डिलीवरी 12 महीनों में होने की उम्मीद है। इस प्रणाली ने 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन किया — यह 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत भारत की बढ़ती रक्षा विनिर्माण क्षमता का प्रतीक है।
भारतीय सेना ने सूर्यास्त्र रॉकेट सिस्टम के लिए ₹293 करोड़ के आपातकालीन अनुबंध पर हस्ताक्षर किए: भारत का पहला स्वदेशी, कई कैलिबर वाला लंबी दूरी का सार्वभौमिक रॉकेट लॉन्चर
भारतीय सेना ने 3 जनवरी 2026 को इज़रायल के एल्बिट सिस्टम्स के सहयोग से भारतीय रक्षा निर्माता NIBE Ltd. के साथ सूर्यास्त्र रॉकेट सिस्टम को शामिल करने के लिए ₹293 करोड़ (लगभग USD 3.5 करोड़) के आपातकालीन खरीद अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। सूर्यास्त्र भारत का पहला स्वदेशी सार्वभौमिक बहु-कैलिबर लंबी दूरी का रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जो एल्बिट सिस्टम्स की PULS (प्रेसाइज़ एंड यूनिवर्सल लॉन्चिंग सिस्टम) तकनीक पर आधारित है और जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित प्रौद्योगिकी सहयोग समझौते के तहत अनुकूलित किया गया है। यह प्रणाली 150 किमी और 300 किमी की दूरी पर सटीक सतह-से-सतह प्रहार करने में सक्षम है और एक ही लॉन्च प्लेटफ़ॉर्म पर कई प्रकार के रॉकेट और मिसाइल जोड़ सकती है। आपातकालीन खरीद मार्ग से हुआ यह अनुबंध उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर क्षमता की कमी को शीघ्र पाटने की सेना की प्राथमिकता दर्शाता है। पहली उत्पादन इकाइयाँ 12 महीनों में सौंपे जाने की उम्मीद है। इस प्रणाली का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस परेड में हुआ, जो 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत भारत की बढ़ती रक्षा विनिर्माण क्षमता का प्रतीक है।
मुख्य तथ्य
- भारतीय सेना ने 3 जनवरी 2026 को सूर्यास्त्र रॉकेट सिस्टम के लिए ₹293 करोड़ का आपातकालीन अनुबंध किया।
- सूर्यास्त्र भारत का पहला स्वदेशी, सार्वभौमिक, बहु-कैलिबर और लंबी दूरी तक मार करने वाला रॉकेट लॉन्चर है।
- यह प्रणाली इज़रायल के एल्बिट सिस्टम्स की PULS तकनीक पर आधारित है, जिसे सहयोग समझौते के तहत अनुकूलित किया गया है।
- यह एक ही मोबाइल लॉन्चर से 150 किमी से लेकर 300 किमी से अधिक रेंज तक के रॉकेट दाग सकता है।
- भारतीय रक्षा निर्माता NIBE Ltd. मुख्य ठेकेदार है।
- यह प्रणाली मेक इन इंडिया पहल के तहत भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2024 रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण के रणनीतिक और तकनीकी महत्त्व का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए, विशेष रूप से भारत की मिसाइल और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में। — दोनों आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा प्रणालियों के स्वदेशीकरण और भारत की सटीक प्रहार क्षमता विकास पर चर्चा करते हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा आत्मनिर्भरता के लिए सूर्यास्त्र रॉकेट प्रणाली खरीद के सामरिक महत्व का विश्लेषण करें।
उत्तर (50 शब्द):
3 जनवरी 2026 को घोषित सेना के एनआईबीई लिमिटेड के साथ 293 करोड़ रुपये के आपातकालीन अनुबंध से सूर्यास्त्र भारत के पहले स्वदेशी बहु-कैलिबर रॉकेट लॉन्चर के रूप में शामिल हुआ, जिसकी 150 और 300 किलोमीटर की सटीक प्रहार सीमा है। जुलाई 2025 के सहयोग समझौते से एल्बिट सिस्टम्स की पल्स प्रौद्योगिकी पर आधारित यह प्रणाली उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर क्षमता की कमी पूरी करती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सूर्यास्त्र रॉकेट सिस्टम क्या है और भारत के रक्षा शस्त्रागार में यह अनूठा क्यों है?
सूर्यास्त्र भारत का पहला स्वदेशी, सार्वभौमिक, बहु-कैलिबर लंबी दूरी का रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है। यह एक ही मोबाइल लॉन्चर से 150 किमी से लेकर 300 किमी से अधिक रेंज तक के रॉकेट दाग सकता है।
सूर्यास्त्र के लिए आपातकालीन खरीद अनुबंध की राशि और तारीख क्या थी?
भारतीय सेना ने 3 जनवरी 2026 को 293 करोड़ रुपये (लगभग 3.5 करोड़ USD) का आपातकालीन खरीद अनुबंध किया।
सूर्यास्त्र का प्राथमिक भारतीय ठेकेदार कौन है और आधार तकनीक किसने दी?
भारतीय रक्षा निर्माता NIBE Ltd. मुख्य ठेकेदार है; इज़रायल की एल्बिट सिस्टम्स ने प्रौद्योगिकी सहयोग समझौते के तहत PULS तकनीक उपलब्ध कराई।
सूर्यास्त्र के लिए एल्बिट PULS तकनीक को अनुकूलित करने का प्रौद्योगिकी सहयोग समझौता कब हुआ?
प्रौद्योगिकी सहयोग समझौते पर जुलाई 2025 में हस्ताक्षर हुए।
सूर्यास्त्र अनुबंध भारत की 'मेक इन इंडिया' रक्षा नीति के साथ कैसे जुड़ता है?
अनुबंध एक भारतीय निर्माता (NIBE Ltd.) को दिया गया है, जो विदेशी तकनीक को स्थानीय जरूरतों के अनुसार ढालता है — इससे आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल के तहत स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलता है।
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