विश्व पर्यावरण दिवस 2025 (5 जून) पर राजस्थान में फलोदी के खीचन और उदयपुर के मेनार को रामसर स्थल घोषित किया गया। उस समय भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 91 हो गई; 31 जनवरी 2026 तक यह 98 हो चुकी थी। उत्तरी थार मरुस्थल में स्थित खीचन आर्द्रभूमि में हर साल 22,000 से अधिक प्रवासी डेमोइसेल सारस आते हैं और यहाँ पक्षियों की 150 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं। मेनार आर्द्रभूमि परिसर मीठे पानी की मानसूनी आर्द्रभूमि है, जिसके तीन तालाबों में जलपक्षियों की 110 प्रजातियाँ पाई जाती हैं; इनमें 67 प्रवासी प्रजातियाँ शामिल हैं। मेनार राजस्थान में समुदाय की अगुवाई में किए जा रहे संरक्षण के सर्वोत्तम उदाहरणों में गिना जाता है। 31 जनवरी 2026 तक राजस्थान में पाँच रामसर स्थल थे।
राजस्थान के रामसर स्थल: खीचन और मेनार की आर्द्रभूमियाँ
विश्व पर्यावरण दिवस 2025 पर राजस्थान के खीचन और मेनार को रामसर स्थल घोषित किया गया। उस समय भारत में रामसर स्थलों की संख्या 91 थी, जो 31 जनवरी 2026 तक बढ़कर 98 हो गई।
मुख्य तथ्य
- विश्व पर्यावरण दिवस 2025 (5 जून) पर राजस्थान के खीचन (फलोदी) और मेनार (उदयपुर) को रामसर स्थल घोषित किया गया, जिससे भारत में इनकी कुल संख्या बढ़कर 91 हो गई
- उत्तरी थार मरुस्थल में स्थित खीचन आर्द्रभूमि में हर साल 22,000 से अधिक प्रवासी डेमोइसेल सारस आते हैं और यहाँ पक्षियों की 150 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं
- मेनार आर्द्रभूमि परिसर मीठे पानी की मानसूनी आर्द्रभूमि है और इसके तीन तालाबों में जलपक्षियों की 110 प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें 67 प्रवासी प्रजातियाँ शामिल हैं
- मेनार राजस्थान में समुदाय की अगुवाई में किए जा रहे संरक्षण के सर्वोत्तम उदाहरणों में गिना जाता है
- 2025 में खीचन और मेनार को रामसर स्थल घोषित किए जाने से राजस्थान में इनकी कुल संख्या बढ़कर चार हो गई; 31 जनवरी 2026 तक राज्य में पाँच रामसर स्थल थे
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2024 राजस्थान के दिए गए रेखा मानचित्र पर निम्नलिखित संरक्षण भंडारों को अंकित कीजिए: (A) सोरसन (B) अखरगाँव (C) गोगेलाव (D) जोड बीड गोडवाले — दोनों राजस्थान में अधिसूचित संरक्षण क्षेत्रों और आर्द्रभूमि या वन्यजीव संरक्षण स्थलों से संबंधित हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: खीचन और मेनार की आर्द्रभूमियों को रामसर स्थल घोषित करने के पारिस्थितिक महत्व और राजस्थान के संरक्षण ढांचे में उनके योगदान की चर्चा करें।
उत्तर (50 शब्द):
विश्व पर्यावरण दिवस 2025 पर रामसर स्थल घोषित फलोदी का खीचन थार मरुस्थल में 22,000 से अधिक प्रवासी डेमोइसेल सारस और पक्षियों की 150 से अधिक प्रजातियों का आश्रय है। उदयपुर के मेनार में जलपक्षियों की 110 प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें 67 प्रवासी प्रजातियाँ शामिल हैं। यह समुदाय की अगुवाई में संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है। इन घोषणाओं से भारत में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 91 और राजस्थान में चार हो गई।
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राजस्थान का जोड़बीर संरक्षण रिज़र्व किस शहर के पास है, जो गिद्धों का प्रमुख आवास है?
बीकानेर के पास जोड़बीर संरक्षण रिज़र्व एशिया के सबसे बड़े गिद्ध आवासों में से एक है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025 में राजस्थान की किन दो आर्द्रभूमियों को रामसर स्थल घोषित किया गया?
राजस्थान के **खीचन** (फलोदी) और **मेनार** (उदयपुर) को **विश्व पर्यावरण दिवस 2025 (5 जून)** पर **रामसर स्थल** घोषित किया गया। इससे भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर **91** और राजस्थान में **चार** हो गई।
खीचन आर्द्रभूमि किसके लिए प्रसिद्ध है?
उत्तरी **थार मरुस्थल** में स्थित **खीचन आर्द्रभूमि** में हर साल **22,000 से अधिक प्रवासी डेमोइसेल सारस** आते हैं और यहाँ पक्षियों की **150 से अधिक प्रजातियाँ** पाई जाती हैं। प्रवासी पक्षियों के आवास के रूप में इसका वैश्विक महत्व है और अब इसे रामसर स्थल का दर्जा भी मिल चुका है।
राजस्थान में मेनार आर्द्रभूमि की क्या विशेषता है?
उदयपुर के पास स्थित **मेनार आर्द्रभूमि परिसर** मीठे पानी की मानसूनी आर्द्रभूमि है। इसके तीन तालाबों में जलपक्षियों की **110 प्रजातियाँ** पाई जाती हैं, जिनमें **67 प्रवासी प्रजातियाँ** शामिल हैं। इसे राजस्थान में **समुदाय की अगुवाई में किए जा रहे संरक्षण के सर्वोत्तम उदाहरणों में से एक** माना जाता है।
2025 में खीचन और मेनार को शामिल किए जाने के बाद भारत में कितने रामसर स्थल थे?
**विश्व पर्यावरण दिवस 2025 (5 जून)** पर खीचन और मेनार को रामसर स्थल घोषित किए जाने के बाद भारत में इनकी कुल संख्या बढ़कर **91** हो गई। इसके बाद भारत उन देशों में शामिल हो गया जहाँ रामसर घोषित आर्द्रभूमियों की संख्या सबसे अधिक है। **31 जनवरी 2026** तक भारत में इनकी कुल संख्या **98** थी।
2025 में खीचन और मेनार को रामसर स्थल घोषित किए जाने के बाद राजस्थान में कितने रामसर स्थल थे?
विश्व पर्यावरण दिवस 2025 पर **खीचन और मेनार** को रामसर स्थल घोषित किए जाने से राजस्थान में इनकी कुल संख्या बढ़कर **चार** हो गई। **31 जनवरी 2026** तक राज्य में **पाँच** रामसर स्थल थे। राजस्थान की आर्द्रभूमियाँ प्रवासी पक्षियों की बड़ी आबादी को आश्रय देती हैं, खासकर थार मरुस्थल क्षेत्र में।
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