प्रकाशित: 21 जनवरी 2026PIB / DD Newsशासन
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के 11 साल पूरे: जन्म लिंगानुपात 918 से बढ़कर 929 हुआ
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP) योजना ने 22 जनवरी 2026 को ग्यारह वर्ष पूरे किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 2015 में इसी तारीख को पानीपत, हरियाणा से शुरू किया था। एक दशक से अधिक के कार्यान्वयन में इस प्रमुख कार्यक्रम से बालिका कल्याण और महिला सशक्तिकरण के कई संकेतकों में मापनीय प्रगति दिखी है।
सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि जन्म पर लिंग अनुपात (SRB) में सुधार है। योजना शुरू होने के समय यह प्रति 1,000 लड़कों पर 918 लड़कियां था, जो 2024-25 के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार बढ़कर प्रति 1,000 लड़कों पर 929 लड़कियां हो गया है। यह सुधार बहु-मंत्रालयी जागरूकता अभियानों, सामुदायिक संपर्क और लिंग अनुपात में असंतुलन वाले जिलों में लक्षित हस्तक्षेपों से बालिकाओं के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में आए बदलाव को दिखाता है।
शिक्षा में माध्यमिक स्तर पर लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात (GER) 75.51% से बढ़कर 2024-25 में 80.2% हो गया है। संस्थागत प्रसव 2014-15 के 61% से बढ़कर 2023-24 तक 97.3% से अधिक हो गए हैं। वित्तीय सशक्तिकरण की एक प्रमुख उपलब्धि सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) है, जिसके तहत 4.53 करोड़ से अधिक खाते खुल चुके हैं।
राजस्थान BBBP को लागू करने वाला एक प्रमुख राज्य रहा है। यहां झुंझुनू, भरतपुर और करौली जैसे जिलों में विशेष हस्तक्षेप किए गए, जहां बाल लिंग अनुपात की स्थिति ऐतिहासिक रूप से सबसे कमजोर रही थी। राज्य स्तरीय अभियानों ने केंद्रीय पहलों को पूरक सहयोग दिया है।
BBBP को तीन मंत्रालय मिलकर लागू करते हैं: महिला और बाल विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, और शिक्षा। यह लैंगिक भेदभाव से निपटने के इसके बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
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6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयप्रकारयोजनाविषयराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतPIB / DD News
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कब और कहाँ शुरू किया गया था और इसे लागू करने वाले मंत्रालय कौन से हैं?
**बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP)** को **22 जनवरी 2015** को PM नरेंद्र मोदी ने **हरियाणा के पानीपत** में शुरू किया था। 2026 में इसने 11 साल पूरे किए। यह योजना तीन मंत्रालयों द्वारा संयुक्त रूप से लागू की जाती है: **महिला और बाल विकास**, **स्वास्थ्य और परिवार कल्याण**, और **शिक्षा**।
BBBP ने 11 वर्षों में जन्म लिंगानुपात में क्या सुधार किया है?
**जन्म लिंगानुपात (SRB)** 2015 में योजना शुरू होने के समय **1,000 लड़कों पर 918 लड़कियों** से बढ़कर 2026 तक **930 लड़कियां** हो गया। यह सुधार BBBP के जागरूकता अभियानों, लिंग-असंतुलन वाले जिलों में केंद्रित प्रयासों और लिंग-चयनात्मक प्रथाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई से समाज की बदलती सोच को दिखाता है।
सुकन्या समृद्धि योजना क्या है और इसके तहत कितने खाते खोले गए हैं?
**सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)** BBBP के तहत बालिकाओं के लिए विशेष बचत योजना है। इसमें **धारा 80C के तहत कर लाभ** और अच्छी ब्याज दरें मिलती हैं। 2026 तक **4.53 करोड़** सक्रिय खाते खुल चुके हैं, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी लघु बचत योजनाओं में से एक बन गई है।
BBBP ने मातृ और शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में कैसे सुधार किया है?
BBBP ने **संस्थागत प्रसव को 87% से बढ़ाकर 94%** करने में योगदान दिया है। संस्थागत प्रसव से जन्म के समय प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की मौजूदगी सुनिश्चित होती है, जिससे मातृ मृत्यु दर, नवजात संक्रमण और शिशु मृत्यु दर कम होती है। यह जननी सुरक्षा योजना और BBBP ढांचे के तहत प्रशिक्षित ASHA और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए हासिल किया गया है।
BBBP के कार्यान्वयन में राजस्थान का क्या महत्व है?
राजस्थान BBBP के लिए एक **मुख्य कार्यान्वयन राज्य** रहा है, जहाँ **झुंझुनू, भरतपुर और करौली** जैसे जिलों में विशेष प्रयास किए गए हैं — इन जिलों में ऐतिहासिक रूप से बाल लिंगानुपात की स्थिति सबसे खराब थी। राज्य अभियानों ने केंद्रीय पहलों के साथ मिलकर काम किया है और राजस्थान की प्रगति को पश्चिमी क्षेत्र में एक मॉडल के रूप में उद्धृत किया गया है।