भारत सरकार ने 14 नवंबर 2025 को डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) नियम, 2025 आधिकारिक रूप से अधिसूचित किए, जिससे भारत का पहला व्यापक डेटा गोपनीयता कानून — डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 — पूरी तरह लागू हो गया। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सात शहरों में व्यापक सार्वजनिक परामर्श कर 6,915 सुझाव प्राप्त किए और नियमों को अंतिम रूप दिया। मुख्य प्रावधान: नागरिकों को अपना व्यक्तिगत डेटा देखने, सुधारने, अपडेट करने और मिटाने का अधिकार; डेटा फिड्युशियरी को 90 दिनों में अनुरोधों का जवाब देना होगा; चार सदस्यीय डिजिटल डेटा संरक्षण बोर्ड ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप से शिकायतों का निपटारा करेगा। संगठनों के लिए 18 महीने का अनुपालन चरण निर्धारित किया गया है। सहमति प्रबंधक प्रावधान नवंबर 2026 तक और अन्य मुख्य प्रावधान मई 2027 से प्रभावी होंगे। DPDP नियम विशेष रूप से बिग टेक प्लेटफ़ॉर्मों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और वित्तीय संस्थानों पर महत्वपूर्ण अनुपालन दायित्व डालते हैं।
DPDP नियम 2025 अधिसूचित: भारत ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 लागू किया
भारत सरकार ने 14 नवंबर 2025 को डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) नियम, 2025 आधिकारिक रूप से अधिसूचित किए, जिससे भारत का पहला व्यापक डेटा गोपनीयता कानून — डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 — पूरी तरह लागू हो गया। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सात शहरों में व्यापक सार्वजनिक परामर्श के बाद 6,915 सुझाव प्राप्त करके नियमों को अंतिम रूप दिया। मुख्य प्रावधान: नागरिकों को अपना व्यक्तिगत डेटा देखने, उसमें सुधार कराने, उसे अपडेट कराने और मिटवाने का अधिकार; डेटा फिड्युशियरी को 90 दिनों में अनुरोधों का जवाब देना होगा; चार सदस्यीय डिजिटल डेटा संरक्षण बोर्ड ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप से शिकायतों का निपटारा करेगा। संगठनों के लिए 18 महीने का अनुपालन चरण निर्धारित किया गया है। सहमति प्रबंधक प्रावधान नवंबर 2026 तक और अन्य मुख्य प्रावधान मई 2027 से प्रभावी होंगे। DPDP नियम विशेष रूप से बिग टेक प्लेटफ़ॉर्मों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और वित्तीय संस्थानों पर महत्वपूर्ण अनुपालन दायित्व लागू करते हैं।
मुख्य तथ्य
- DPDP नियम 2025 अधिसूचित होने से भारत का पहला व्यापक डेटा गोपनीयता कानून लागू हुआ।
- नागरिकों को अपना व्यक्तिगत डेटा देखने, सुधारने, अपडेट करने और मिटाने का अधिकार मिला।
- चार सदस्यीय डेटा संरक्षण बोर्ड ऑनलाइन पोर्टल से शिकायतों का निपटान करेगा।
- डेटा फिड्युशियरी को 90 दिनों में डेटा से जुड़े अनुरोधों का जवाब देना होगा।
- सहमति प्रबंधक प्रावधान नवंबर 2026 तक और अन्य नियम मई 2027 से प्रभावी होंगे।
- नियम बड़ी टेक कंपनियों और वित्तीय संस्थानों पर महत्वपूर्ण अनुपालन दायित्व डालते हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: डीपीडीपी नियम 2025 के प्रमुख प्रावधानों और भारत के डिजिटल शासन ढांचे तथा नागरिक डेटा अधिकारों पर उनके प्रभावों की समीक्षा करें।
उत्तर (50 शब्द):
14 नवंबर 2025 को अधिसूचित डीपीडीपी नियम भारत के पहले डेटा गोपनीयता कानून को लागू करते हैं। इनमें डेटा फिड्युशियरी के लिए 90 दिन में प्रतिक्रिया देना अनिवार्य है, चार सदस्यीय डिजिटल डेटा संरक्षण बोर्ड है और 18 महीने में चरणबद्ध अनुपालन होगा। सहमति प्रबंधक प्रावधान नवंबर 2026 तक प्रभावी होंगे। सात शहरों में 6,915 जन-सुझावों के बाद अंतिम रूप से ये डिजिटल शासन में बदलाव लाते हैं।
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नवंबर 2025 में अधिसूचित किस केंद्रीय सरकारी कदम ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की?
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने नवंबर 2025 में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 अधिसूचित किए। ये नियम डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 को लागू करने की रूपरेखा और चरणबद्ध समय-सारिणी देते हैं। यह कानून डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के संरक्षण और उसके प्रसंस्करण से जुड़े दायित्वों को व्यवस्थित करता है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
DPDP नियम 2025 कब अधिसूचित हुए और ये किस कानून को लागू करते हैं?
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) नियम, 2025 इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा 14 नवंबर 2025 को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किए गए। ये डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 — भारत का पहला व्यापक डेटा गोपनीयता कानून — को लागू करते हैं।
DPDP नियम 2025 भारतीय नागरिकों को उनके व्यक्तिगत डेटा के बारे में क्या अधिकार देते हैं?
DPDP नियम 2025 के तहत भारतीय नागरिकों को संगठनों के पास रखे अपने व्यक्तिगत डेटा को देखने, उसमें सुधार कराने, उसे बदलवाने और मिटवाने का अधिकार है। नागरिक अपने डेटा अधिकारों का प्रयोग करने के लिए किसी व्यक्ति को नामांकित भी कर सकते हैं, और डेटा फिड्युशियरी को ऐसे अनुरोधों का 90 दिन में जवाब देना होगा।
DPDP अधिनियम के तहत डेटा फिड्युशियरी क्या है और उनके क्या दायित्व हैं?
डेटा फिड्युशियरी कोई भी संस्था — कंपनी या संगठन — है जो व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण का उद्देश्य और साधन निर्धारित करती है। DPDP नियम 2025 के तहत डेटा फिड्युशियरी को डेटा प्रसंस्करण से पहले स्पष्ट सहमति लेनी होगी, 90 दिनों में नागरिक अनुरोधों का जवाब देना होगा और मजबूत सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे।
DPDP नियम 2025 के तहत स्थापित डेटा संरक्षण बोर्ड क्या है और यह क्या करता है?
डेटा संरक्षण बोर्ड DPDP नियम 2025 के तहत स्थापित चार सदस्यीय अर्ध-न्यायिक निकाय है जो डेटा फिड्युशियरी के खिलाफ नागरिकों की शिकायतों का निपटान करता है। यह ऑनलाइन पोर्टल से काम करेगा। इसके आदेशों का पालन न करने पर भारी वित्तीय दंड का प्रावधान है।
DPDP नियम 2025 की क्रियान्वयन समयसीमा क्या है?
DPDP नियम 2025 चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे: सहमति प्रबंधक प्रावधान नवंबर 2026 तक और बाकी नियम मई 2027 से प्रभावी होंगे। इस चरणबद्ध तरीके से संगठनों — विशेषकर बिग टेक और वित्तीय संस्थानों — को अनुपालन ढाँचा तैयार करने का समय मिलेगा।
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