दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे ने 4 करोड़ से अधिक यात्री क्षमता वाले हवाई अड्डों में भारत के पहले 'जल-सकारात्मक' हवाई अड्डे का गौरव प्राप्त किया। यह मान्यता NITI आयोग–CII जल तटस्थता पहल के अंतर्गत जल नवाचार शिखर सम्मेलन 2025 में दी गई। IGI हवाई अड्डे पर प्रतिदिन लगभग 45 लाख लीटर पानी की खपत होती है, लेकिन वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण और पानी के दक्ष उपयोग की तकनीकों से वह इससे अधिक पानी की भरपाई करता है। प्रमुख बुनियादी ढाँचे में 625 वर्षा जल संचयन प्रणालियाँ, 90 लाख लीटर संयुक्त भंडारण क्षमता वाले दो विशाल भूमिगत जलाशय और 16.6 MLD शून्य-तरल-निर्वहन (ZLD) सीवेज उपचार संयंत्र शामिल हैं। DIAL (GMR समूह) द्वारा प्रबंधित हवाई अड्डे ने 90% से अधिक अपशिष्ट जल का उपचार और पुनर्चक्रण किया। यह उपलब्धि राष्ट्रीय जल मिशन और जल शक्ति मंत्रालय के जल संरक्षण लक्ष्यों के अनुरूप है।