केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के अहमदाबाद के नारणपुरा में वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। यह परिसर ₹825 करोड़ की लागत से बना है और 1.18 लाख वर्ग मीटर में फैला है। यह भारत का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक खेल परिसर है, इसलिए खेल अवसंरचना के हालिया उदाहरणों में इसका विशेष महत्व है। इसमें छह उपयोग-आधारित ज़ोन हैं, जिनमें अलग-अलग खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं दी गई हैं।

परीक्षा की दृष्टि से यह खबर केवल खेल समसामयिकी नहीं है, बल्कि खेल अवसंरचना, शहरी विकास और बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी से भी जुड़ती है। ऐसे परिसर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए बेहतर सुविधाएं देते हैं और शहरों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय आयोजन आकर्षित करने में मदद करते हैं। नारणपुरा, अहमदाबाद और गुजरात से जुड़ा स्थान-तथ्य प्रीलिम्स में सीधे पूछा जा सकता है, जबकि लागत, क्षेत्रफल और छह ज़ोन जैसे आंकड़े तथ्यात्मक प्रश्नों के लिए उपयोगी हैं।

इस परिसर में एशियन एक्वाटिक्स चैंपियनशिप और विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप जैसे बड़े आयोजन होने हैं। इसलिए RAS/UPSC सहित राज्य और केंद्रीय परीक्षाओं में इसे खेल नीति, खेल अवसंरचना और भारत की मेजबानी क्षमता के उदाहरण के रूप में पढ़ा जा सकता है। स्टैटिक जीके में उम्मीदवारों को यह भी याद रखना चाहिए कि परिसर का नाम विनायक दामोदर सावरकर, जिन्हें वीर सावरकर के नाम से जाना जाता है, से जुड़ा है। उत्तर लिखते समय मुख्य बिंदु यह होगा कि यह परियोजना खेल सुविधा के साथ-साथ बड़े आयोजनों के लिए भारत की तैयारी और शहरों में बनी खेल अवसंरचना का उदाहरण है।