केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 20 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ के सभी जिला कलेक्टरों के साथ जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0 की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। यह बैठक राष्ट्रीय जल मिशन और छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से आयोजित हुई, जिसमें जिलों की प्रगति और समुदाय की भागीदारी से चल रही जल संरक्षण पहलों की समीक्षा की गई।

छत्तीसगढ़ ने जल संचय जन भागीदारी अभियान 1.0 में चार लाख से अधिक पुनर्भरण संरचनाएं बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0 के तहत राज्य ने 88,000 से अधिक पूर्ण कार्य और 42,000 से अधिक प्रगति पर चल रहे कार्य दर्ज किए।

समीक्षा में कम लागत वाली भूजल पुनर्भरण प्रणालियों, योजनाओं के अभिसरण और स्थानीय भागीदारी पर जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने जिलों से मानसून से पहले पर्याप्त वर्षा जल पुनर्भरण क्षमता बनाने, मनरेगा के निर्धारित धन का प्रभावी उपयोग करने, गंभीर और अर्द्ध-गंभीर जिलों पर ध्यान देने, पोर्टल पर समय से आंकड़े अपलोड करने और समुदाय तथा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ तालमेल मजबूत करने को कहा।

अमृत सरोवर मिशन एक संबंधित राष्ट्रीय जल संरक्षण पहल है। प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार इसका उद्देश्य देश के प्रत्येक जिले में कम से कम 75 अमृत सरोवरों का निर्माण या पुनरुद्धार करना है।