भारत ने 26 जनवरी 2026 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को पश्चिम बंगाल राज्य में निपाह वायरस रोग (NiVD) के दो पुष्ट मामलों की सूचना दी। इनकी प्रयोगशाला पुष्टि 13 जनवरी 2026 को हुई थी। दोनों पुष्ट मामले स्वास्थ्यकर्मियों में थे। WHO ने उप-राष्ट्रीय (राज्य) स्तर पर समग्र जोखिम को मध्यम और राष्ट्रीय, क्षेत्रीय तथा वैश्विक स्तर पर कम आँका है। अधिसूचना की तारीख तक पुष्ट मामलों से जुड़े 196 संपर्कों की पहचान, अनुवर्ती निगरानी और परीक्षण किया गया; सभी संपर्कों की जाँच नकारात्मक रही। निपाह वायरस (NiV) एक जूनोटिक वायरस है। यह जानवरों (मुख्यतः Pteropus जीनस के फलाहारी चमगादड़ों) से मनुष्यों में फैलता है और संक्रमित शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से मनुष्यों के बीच भी फैल सकता है। निपाह में मामला घातकता दर 40-75% है, इसलिए यह ज्ञात सबसे खतरनाक रोगजनकों में से एक माना जाता है। 2026 तक निपाह के लिए कोई अनुमोदित टीका या उपचार नहीं है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) भारत में निपाह निगरानी के लिए नोडल एजेंसी है। यह प्रकोप One Health ढाँचों की आवश्यकता को रेखांकित करता है, जिनमें मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को एक साथ जोड़ा जाता है।