प्रकाशित: 14 सितंबर 2025DD Newsपर्यावरण
प्रोजेक्ट डॉल्फिन के तहत भारत में गंगा नदी डॉल्फिन की अनुमानित संख्या 6,324
प्रोजेक्ट डॉल्फिन के तहत भारत के पहले व्यापक नदी डॉल्फिन सर्वेक्षण में 8 राज्यों की 8,500 किमी नदियों में 6,327 गंगा नदी डॉल्फिन होने का अनुमान लगाया गया। यह सर्वेक्षण 2021 से 2023 तक भारतीय वन्यजीव संस्थान और राज्य वन विभागों ने किया। मार्च 2025 में जारी नतीजों के अनुसार सबसे अधिक संख्या उत्तर प्रदेश में 2,397 रही। इसके बाद बिहार में 2,220, पश्चिम बंगाल में 815 और असम में 635 डॉल्फिन दर्ज की गईं। राजस्थान और मध्य प्रदेश में मिलाकर 95 डॉल्फिन दर्ज हुईं। पहले लगभग 1,800 डॉल्फिन का अनुमान था, इसलिए यह नई संख्या संरक्षण स्थिति को समझने और आगे की तुलना के लिए अहम आधार देती है। इससे राज्यवार तुलना और नदी-आधारित संरक्षण प्राथमिकताओं के लिए भी साफ आधार मिलता है।
परीक्षा की दृष्टि से यह विषय पर्यावरण, जैव विविधता, नदी-तंत्र और सरकारी संरक्षण कार्यक्रमों को जोड़ता है। गंगा नदी डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है और नदी पारिस्थितिकी के स्वास्थ्य का जैव संकेतक मानी जाती है। इसका अर्थ है कि डॉल्फिन की उपस्थिति नदी में जल-प्रवाह, खाद्य श्रृंखला और अपेक्षाकृत बेहतर आवास-स्थिति से जुड़ी परीक्षा-उपयोगी जानकारी देती है। गंगा, ब्रह्मपुत्र और सर्वेक्षण में शामिल अन्य नदी-धाराओं में नदी डॉल्फिन का आकलन प्रीलिम्स में प्रजाति, स्थान और संख्या-आधारित प्रश्नों के लिए उपयोगी है। मुख्य परीक्षा में इसे संरक्षण नीति, समुदाय की भागीदारी, नदी प्रदूषण, अवैध मछली पकड़ने, जाल में फंसने, बालू खनन और बांधों से जुड़ी चुनौतियों के साथ लिखा जा सकता है। RAS और UPSC दोनों में इसे स्टैटिक जीके के जैव विविधता एवं संरक्षण और भारत के भूगोल के प्रमुख नदी-तंत्र विषयों से जोड़कर पढ़ना चाहिए।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: प्रोजेक्ट डॉल्फिन के भारत के पहले सर्वेक्षण के परिणामों का विश्लेषण करें और नदी पारिस्थितिकी तंत्र स्वास्थ्य के जैव संकेतक के रूप में गंगा डॉल्फिन के महत्व पर चर्चा करें।
उत्तर (50 शब्द):
भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा 2021–2023 में किए गए प्रोजेक्ट डॉल्फिन के पहले सर्वेक्षण में आठ राज्यों की 8,500 किलोमीटर नदियों में 6,327 गंगा डॉल्फिन का अनुमान लगाया गया। उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 2,397, उसके बाद बिहार (2,220), पश्चिम बंगाल (815) व असम (635) रहे। संख्या पहले की लगभग 1,800 डॉल्फिन से बढ़ी है।
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयविज्ञान-प्रौद्योगिकीपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतDD News
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नमध्यम
2025-2029 की अवधि के लिए विवेक मेनन IUCN SSC के अध्यक्ष चुने गए। उनकी विशिष्ट उपलब्धि क्या है?
व्याख्या · सही उत्तर Cविवेक मेनन IUCN प्रजाति उत्तरजीविता आयोग के 75 वर्ष के इतिहास में इसकी अध्यक्षता करने वाले पहले एशियाई बने।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रोजेक्ट डॉल्फिन सर्वेक्षण में गंगा नदी डॉल्फिन की कितनी संख्या अनुमानित की गई?
सर्वेक्षण में 8 राज्यों की 8,500 किमी नदियों में 6,327 गंगा नदी डॉल्फिन का अनुमान लगाया गया। यह भारत का पहला व्यापक नदी डॉल्फिन सर्वेक्षण था।
यह सर्वेक्षण कब और किन संस्थाओं ने किया?
सर्वेक्षण 2021 से 2023 तक भारतीय वन्यजीव संस्थान और राज्य वन विभागों ने किया। इसके नतीजे मार्च 2025 में जारी किए गए।
किस राज्य में सबसे अधिक गंगा नदी डॉल्फिन दर्ज हुईं?
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 2,397 डॉल्फिन दर्ज हुईं। इसके बाद बिहार में 2,220, पश्चिम बंगाल में 815 और असम में 635 डॉल्फिन दर्ज की गईं।
गंगा नदी डॉल्फिन परीक्षा की दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?
यह भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है और नदी पारिस्थितिकी के स्वास्थ्य का जैव संकेतक मानी जाती है। इसलिए इसे जैव विविधता, संरक्षण और प्रमुख नदी-तंत्र से जोड़कर पूछा जा सकता है।
गंगा नदी डॉल्फिन से जुड़े प्रमुख संरक्षण-चुनौती कौन-सी हैं?
नदी प्रदूषण, अवैध मछली पकड़ना, जाल में फंसना, बालू खनन और बांधों से आवास पर दबाव जैसी चुनौतियां मुख्य परीक्षा के उत्तरों में जोड़ी जा सकती हैं।