भारतीय तटरक्षक ने मुंबई तट के पास आरपीआरईएक्स-2025, यानी क्षेत्रीय स्तर प्रदूषण प्रतिक्रिया अभ्यास, आयोजित किया। 28 दिसंबर 2025 के इस करेंट-अफ़ेयर्स अपडेट का मुख्य फोकस समुद्र में बड़े तेल रिसाव जैसी आपदा से निपटने की तैयारी पर है। अभ्यास में एक मोटर टैंकर से संकट संदेश मिलने की स्थिति बनाई गई, जिसमें मछली पकड़ने वाली नाव से टक्कर के बाद टैंकर में छेद हुआ और कच्चे तेल का भारी रिसाव समुद्र में फैल गया। रिसाव से निपटने के लिए भारतीय तटरक्षक का विशेष प्रदूषण नियंत्रण पोत और प्रदूषण-रोधी तैनाती क्रम में दो अतिरिक्त तटरक्षक जहाज लगाए गए। अभ्यास में भारतीय तटरक्षक के साथ मुंबई पोर्ट अथॉरिटी और ओएनजीसी की भागीदारी भी दर्ज है। स्रोत के अनुसार ऐसे प्रदूषण प्रतिक्रिया अभ्यास सभी हितधारकों की तैयारी को राष्ट्रीय तेल रिसाव आपदा आकस्मिक योजना के अनुरूप परखते हैं। परीक्षा के लिए इसका महत्व तीन स्तरों पर है। पहला, प्रारंभिक परीक्षा में आरपीआरईएक्स-2025, भारतीय तटरक्षक, मुंबई तट, तेल प्रदूषण और राष्ट्रीय तेल रिसाव आपदा आकस्मिक योजना जैसे सीधे तथ्य पूछे जा सकते हैं। दूसरा, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन में समुद्री प्रदूषण, तटीय पारिस्थितिकी, बंदरगाह सुरक्षा और तेल-हैंडलिंग एजेंसियों की जवाबदेही से जुड़ा स्टैटिक जीके लिंक बनता है। तीसरा, शासन के नजरिए से यह अभ्यास बताता है कि समुद्री आपदा में एक एजेंसी अकेले काम नहीं करती; बंदरगाह, तेल क्षेत्र और तटरक्षक जैसे हितधारकों की तैयारी साथ-साथ परखी जाती है। इसलिए RAS और UPSC अभ्यर्थियों को इसे केवल रक्षा अभ्यास नहीं, बल्कि पर्यावरण सुरक्षा, समुद्री शासन और आपदा-तैयारी के संयुक्त उदाहरण के रूप में ध्यान से पढ़ना चाहिए।