दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) दीपावली की सुबह (20 अक्टूबर) 300 से पार हो गया और 19 अक्टूबर से GRAP चरण-II प्रतिबंध लागू होने के बावजूद अगली सुबह 451 ('गंभीर') पर पहुंच गया। PM2.5 सांद्रता 262 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंची, जो WHO के वार्षिक दिशानिर्देश से 59 गुना अधिक है। लगभग 2 करोड़ निवासियों ने विश्व के किसी भी प्रमुख शहर की सबसे प्रदूषित हवा में सांस ली। CPCB के 38 निगरानी केंद्रों में से 36 ने 'बहुत खराब' से 'गंभीर' वायु गुणवत्ता दर्ज की। कारणों में दीपावली पटाखे, स्थिर वायुमंडलीय स्थितियां और पड़ोसी राज्यों में पराली दहन शामिल हैं।
दीपावली की रात दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में गिरी
दीपावली के बाद दिल्ली AQI 451 (गंभीर) पर पहुंचा; GRAP-II प्रतिबंधों के बावजूद PM2.5 स्तर WHO दिशानिर्देशों से 59 गुना अधिक।
मुख्य तथ्य
- 19 अक्टूबर से GRAP Stage II प्रतिबंधों के बावजूद दिवाली की सुबह दिल्ली का AQI 451 (गंभीर) पर पहुँचा
- PM2.5 262 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुँचा — WHO के वार्षिक दिशानिर्देश से 59 गुना अधिक
- CPCB के 38 में से 36 निगरानी स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई
- कारक: दिवाली के पटाखे, ठहरी हुई वायुमंडलीय स्थितियाँ और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना
- अनुमत समय के बाद बड़े पैमाने पर गैर-हरित पटाखे जलाए गए
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: दीपावली की रात दिल्ली की वायु गुणवत्ता के 'गंभीर' (एक्यूआई 451) स्तर तक गिरावट तथा पीएम2.5 262 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर भारत के प्रासंगिक प्रदूषण शासन की सीमाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
दिल्ली का एक्यूआई 20 अक्टूबर दीपावली की सुबह 300 पार कर गया और अगली सुबह 451 ('गंभीर') पहुंचा। पीएम2.5 262 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा — डब्ल्यूएचओ मानकों से 59 गुना। लगभग 2 करोड़ निवासियों ने विषैली वायु झेली; जीआरएपी द्वितीय के बावजूद 38 में से 36 सीपीसीबी केंद्रों पर स्थिति बहुत खराब से गंभीर रही।
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दीवाली की रात 2025 में दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) किस स्तर पर चरम पर पहुँचा, जिसे 'गंभीर' श्रेणी में रखा गया?
दिल्ली का AQI दीवाली की सुबह (20 अक्टूबर) को 300 पार कर गया और अगली सुबह तक 451 ('गंभीर') पर चरम पर पहुंच गया। PM2.5 सांद्रता 262 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई, जो WHO के वार्षिक दिशानिर्देश से 59 गुना अधिक है।
स्रोत: Al Jazeera
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दीपावली 2025 की रात दिल्ली का AQI कितना रहा?
दीपावली 2025 (20 अक्टूबर) की अगली सुबह दिल्ली का AQI **451 (अत्यंत गंभीर श्रेणी)** तक पहुंच गया। PM2.5 का स्तर **262 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर** दर्ज हुआ जो WHO की वार्षिक सीमा से **59 गुना** अधिक है।
दिल्ली में दीपावली के दौरान CPCB के कितने निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता खराब रही?
दिल्ली के **38 में से 36 CPCB निगरानी केंद्रों** पर दीपावली के समय वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' से 'अत्यंत गंभीर' श्रेणी में दर्ज हुई। लगभग **2 करोड़ निवासी** दुनिया के किसी भी बड़े शहर की तुलना में सबसे प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर रहे।
दीपावली 2025 के दौरान दिल्ली में GRAP का कौन सा चरण लागू था?
19 अक्टूबर 2025 से दिल्ली में **GRAP चरण-II** लागू था। इसमें रेस्तरां में कोयले और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध तथा मशीनी सफाई जैसे उपाय शामिल थे। इसके बावजूद AQI **451 (अत्यंत गंभीर)** तक पहुंचा।
दिल्ली में दीपावली के बाद वायु प्रदूषण के मुख्य कारण क्या हैं?
दिल्ली में दीपावली के बाद वायु प्रदूषण के मुख्य कारण हैं: **पटाखों से धुआं, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना, शांत हवाएं** (जिनसे प्रदूषक फंस जाते हैं) और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियां।
दीपावली 2025 पर दिल्ली का AQI WHO दिशानिर्देशों के मुकाबले कितना खराब था?
दीपावली 2025 पर दिल्ली में PM2.5 **262 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर** रहा, जो WHO के वार्षिक दिशानिर्देश (5 µg/m³) से **59 गुना अधिक** था। इस आधार पर दिल्ली उस दिन विश्व का सबसे प्रदूषित महानगर रही।
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