दीपावली के दो दिन बाद 22 अक्टूबर को दिल्ली का 24-घंटे का औसत AQI शाम 4 बजे 353 रहा और वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी रही। राष्ट्रीय राजधानी में घनी धुंध छाई रही और द्वारका एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम तथा नोएडा में दृश्यता काफी कम हो गई। 19 अक्टूबर से लागू GRAP चरण II उपाय जारी रहे, जिनमें होटलों और रेस्तरां में कोयला तथा लकड़ी पर रोक, डीजल जनरेटर पर पाबंदी, निर्माण गतिविधियों पर अंकुश और मशीनीकृत सड़क सफाई शामिल थे। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आँकड़ों के अनुसार दीपावली शाम को शहर के 38 निगरानी केंद्रों में से 34 'बहुत खराब' से 'गंभीर' लाल श्रेणी में थे। स्वास्थ्य सलाह में बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी वाले लोगों को घर में रहने की चेतावनी दी गई।
दीपावली के बाद दिल्ली में धुंध तेज: 22 अक्टूबर को AQI 353 रहने पर GRAP-II लागू
दीपावली के दो दिन बाद 22 अक्टूबर को दिल्ली का 24-घंटे का औसत AQI 353 रहा; 19 अक्टूबर से GRAP-II लागू था; दीपावली शाम को CPCB के 38 में से 34 केंद्र लाल श्रेणी में थे।
मुख्य तथ्य
- दिवाली के दो दिन बाद (22 अक्टूबर) दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 377 रहा; NCR में घनी धुंध छाई रही और दृश्यता बुरी तरह कम हुई
- GRAP चरण II के उपाय लागू किए गए: होटलों में कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक, डीजल जनरेटर पर प्रतिबंध, निर्माण पर रोक और मशीनों से सड़क सफाई
- CPCB के 38 में से 36 निगरानी स्टेशनों ने बहुत खराब से गंभीर वायु गुणवत्ता दर्ज की
- स्वास्थ्य परामर्श में कमजोर समूहों — बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों — को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: दीपावली के दो दिन बाद जब दिल्ली का एक्यूआई 377 पहुंचा और सीपीसीबी के 38 में से 36 केंद्रों पर बहुत खराब से गंभीर स्थिति दर्ज हुई, जीआरएपी द्वितीय चरण उपायों एवं दिल्ली के वायु गुणवत्ता प्रशासन की प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
दीपावली के दो दिन बाद 22 अक्टूबर को दिल्ली का एक्यूआई 377 दर्ज हुआ; सीपीसीबी के 38 में से 36 केंद्र बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में रहे। जीआरएपी द्वितीय चरण लागू था — होटलों में कोयला-लकड़ी प्रतिबंध, डीज़ल जनरेटर रोक, निर्माण पाबंदी, यांत्रिक सफाई — जो प्रदूषण नियंत्रण की प्रतिक्रियात्मक प्रकृति को रेखांकित करता है।
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दीवाली के बाद 22 अक्टूबर 2025 को AQI 377 छूने पर दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के किस चरण के तहत प्रतिबंध लागू किए गए?
22 अक्टूबर को GRAP चरण II के उपाय जारी रहे, जिसमें होटलों/रेस्तरां में कोयले और जलाऊ लकड़ी पर प्रतिबंध, डीजल जनरेटर प्रतिबंध, निर्माण गतिविधि पर रोक और यंत्रीकृत सड़क सफाई शामिल थी।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिवाली 2025 के बाद दिल्ली में किस AQI स्तर पर GRAP-II लागू किया गया?
दिवाली 2025 के बाद दिल्ली का **AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 377** तक पहुंचा, जो **'बहुत खराब'** श्रेणी में है। इसके चलते **GRAP-II (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान चरण II)** लागू करना पड़ा।
GRAP क्या है और दिल्ली के लिए GRAP-II का क्या मतलब है?
**GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान)** दिल्ली-NCR में प्रदूषण के अलग-अलग स्तरों पर लागू किए जाने वाले आपातकालीन उपायों की व्यवस्था है। **GRAP-II** (AQI 301-400) में निर्माण से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण, डीजल जनरेटर पर प्रतिबंध और उत्सर्जन मानदंडों का कड़ा प्रवर्तन शामिल है।
दिवाली 2025 के बाद दिल्ली का AQI 377 तक क्यों पहुंचा?
दिल्ली का AQI **दिवाली 2025 के बाद 377** तक इसलिए पहुंचा क्योंकि **पटाखों का धुआं, वाहन उत्सर्जन, पड़ोसी राज्यों में पराली दहन**, हवा की गति कम होना और तापमान व्युत्क्रमण जैसी प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियां मौजूद थीं।
दिल्ली में GRAP-II के तहत क्या प्रतिबंध लगाए जाते हैं?
दिल्ली में **GRAP-II** के तहत **निर्माण से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण, डीजल जनरेटर के उपयोग पर रोक, BS-IV वाहन मानदंडों का सख्त प्रवर्तन**, सड़कों पर पानी का छिड़काव और यांत्रिक सफाई शामिल हैं।
दिवाली के बाद का स्मॉग दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?
**377 के AQI** (बहुत खराब) वाला दिवाली के बाद का स्मॉग दिल्लीवासियों में **श्वसन समस्याएं, आंखों में जलन, अस्थमा और हृदय रोगों के बिगड़ने** का कारण बनता है।
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