अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने दूसरे विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन से पहले अपनी ऐतिहासिक रिपोर्ट 'सामाजिक न्याय की स्थिति: अभी काम जारी है (2025)' जारी की। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में बहुआयामी गरीबी 29% (2013-14) से घटकर 11% (2022-23) हो गई।

रिपोर्ट में मजबूत सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों, गरिमापूर्ण काम के अवसरों और समावेशी विकास नीतियों की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसमें बताया गया कि वैश्विक आर्थिक विकास के बावजूद कई विकासशील देशों में असमानता बनी हुई है और दुनिया के 52% श्रमिक अभी भी अनौपचारिक रोजगार में हैं।