अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने द्वितीय विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन से पहले अपनी महत्वपूर्ण रिपोर्ट 'सामाजिक न्याय की स्थिति: काम जारी है (2025)' जारी की। यह रिपोर्ट 1995 के कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन के 30 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आई। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में बहुआयामी गरीबी 29% (2013-14) से घटकर 11% (2022-23) हो गई। यह बदलाव रिपोर्ट में बताए गए वैश्विक प्रगति के रुझान के अनुरूप है।

रिपोर्ट में मज़बूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था, सम्मानजनक काम के अवसर और समावेशी विकास नीतियाँ अपनाने की ज़रूरत पर बल दिया गया। इसमें बताया गया कि वैश्विक आर्थिक विकास के बावजूद कई विकासशील देशों में असमानता बनी हुई है और दुनिया के 52% श्रमिक अब भी अनौपचारिक रोज़गार में हैं।