# स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2026 — RAS परीक्षा तैयारी के लिए संपूर्ण रिपोर्ट सारांश

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रिपोर्ट अवलोकन

विवरणजानकारी
पूरा नामस्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2026 (SWI 2026)
प्रकाशकअज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, सतत रोजगार केंद्र (CSE)
प्रमुख लेखकरोज़ा अब्राहम, अर्थशास्त्र की सहायक प्रोफेसर, अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय
प्रकाशन तिथि17 मार्च 2026
विषय-वस्तु"युवा श्रम बाज़ार में: सीखने से कमाने तक के रास्ते"
क्षेत्रपिछले 40 वर्षों में युवा श्रमिकों के स्कूल/कॉलेज से रोजगार तक पहुँचने की प्रक्रिया का विश्लेषण
डेटा स्रोतPLFS, NSS, AISHE सहित चार दशकों के आधिकारिक रोजगार डेटाबेस
संस्करणSWI श्रृंखला का 5वाँ संस्करण (पूर्व संस्करण: SWI 2018, 2019, 2021, 2023)

पूर्व संस्करण

  • SWI 2018: भारत के श्रम बाज़ार का व्यापक अवलोकन
  • SWI 2019: रोजगार चुनौती पर नीति संक्षेप
  • SWI 2021: COVID-19 महामारी का रोजगार पर प्रभाव
  • SWI 2023: विषय — "सामाजिक पहचान और श्रम बाज़ार परिणाम"
  • SWI 2026: विषय — "युवा श्रम बाज़ार में: सीखने से कमाने तक के रास्ते"

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प्रमुख निष्कर्ष

1. जनसांख्यिकीय लाभांश एक चौराहे पर

  • भारत में 36.7 करोड़ व्यक्ति (15-29 वर्ष आयु वर्ग) हैं, जो कार्यशील आयु जनसंख्या का लगभग एक-तिहाई हैं
  • इनमें से 26.3 करोड़ औपचारिक शिक्षा प्रणाली से बाहर हैं और संभावित कार्यबल बनाते हैं
  • भारत की वर्तमान औसत आयु 28 वर्ष है
  • कार्यशील आयु जनसंख्या का अनुपात 2030 के बाद घटना शुरू होगा
  • भारत के पास उत्पादक रोजगार बढ़ाने का अवसर लगभग 2055 तक है; अगला दशक सर्वाधिक महत्वपूर्ण है

2. शिक्षा में प्रगति

  • तृतीयक नामांकन दर: 28%, समान प्रति-व्यक्ति आय वाले देशों के तुल्य
  • कॉलेजों की उपलब्धता प्रति लाख युवा 29 से बढ़कर 45 हुई
  • महिला नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि; कई राज्यों में पुरुषों से अधिक

3. रोजगार संकट: शिक्षा-रोजगार अंतराल

  • स्नातक बेरोजगारी दर: 40% — स्नातक या उससे अधिक योग्यता वाले 10 में से 4 बेरोजगार
  • जन्म दर में गिरावट के बावजूद यह स्थिति बनी हुई है; रोजगार बाज़ार शिक्षित युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं दे पा रहा
  • असंगठित/अनौपचारिक क्षेत्र का दबदबा बना हुआ है
  • महिला श्रम बल भागीदारी दर (LFPR): हालाँकि बढ़ी है, लेकिन पुरुषों की तुलना में बहुत कम

4. रोजगार गुणवत्ता

  • अधिकांश युवा रोजगार अनौपचारिक, कम वेतन वाले और सामाजिक सुरक्षा-विहीन हैं
  • स्व-रोजगार और पारिवारिक कृषि में अप्रत्यक्ष रोजगार की प्रवृत्ति बनी हुई है
  • कौशल-रोजगार बेमेल: उपलब्ध नौकरियों और शिक्षा से अर्जित कौशल में विसंगति

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नीति सुझाव

रिपोर्ट में प्रमुख सिफारिशें:

1. रोजगार-गहन क्षेत्रों (निर्माण, कृषि-प्रसंस्करण, सेवाएँ) में निवेश बढ़ाना

2. कौशल विकास को बाज़ार की माँग से जोड़ना

3. महिला श्रम भागीदारी बढ़ाने के लिए देखभाल अर्थव्यवस्था में निवेश

4. सामाजिक सुरक्षा का विस्तार अनौपचारिक श्रमिकों तक

5. श्रम डेटा संग्रह और प्रसार में सुधार

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RAS परीक्षा की प्रासंगिकता

यह रिपोर्ट RAS पाठ्यक्रम के निम्नलिखित खंडों में प्रासंगिक है:

  • अर्थव्यवस्था: रोजगार, बेरोजगारी, श्रम बाज़ार, कौशल विकास
  • शासन: सरकारी योजनाएँ (PMKVY, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया)
  • समाजशास्त्र: जनसांख्यिकी, सामाजिक पहचान, लैंगिक असमानता
  • राजस्थान संदर्भ: राज्य में युवा बेरोजगारी, राइजिंग राजस्थान निवेश

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महत्वपूर्ण तथ्य (परीक्षा के लिए)

तथ्यआँकड़ा
15-29 आयु वर्ग जनसंख्या36.7 करोड़
स्नातक बेरोजगारी दर40%
भारत की औसत आयु28 वर्ष
तृतीयक नामांकन दर28%
SWI का प्रकाशकअज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय
SWI 2026 संस्करण क्रमांक5वाँ
जनसांख्यिकीय लाभांश की समय-सीमा~2055 तक