11वां रायसीना डायलॉग 5–7 मार्च 2026 को नई दिल्ली में शुरू हुआ, जिसे ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) और विदेश मंत्रालय (MEA) ने संयुक्त रूप से आयोजित किया। 2026 का विषय 'संस्कार: अभिकथन, समायोजन, अग्रगमन' है — यह संस्कृत अवधारणा से प्रेरित है, जो बताती है कि सभ्यताएं अपनी पहचान कैसे अभिव्यक्त करती हैं, भिन्नताओं को कैसे समायोजित करती हैं और परिष्करण से कैसे आगे बढ़ती हैं।

तीन दिवसीय सम्मेलन में 100 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों, विदेश मंत्रियों, रक्षा प्रमुखों, व्यापारिक अधिकारियों और प्रमुख शिक्षाविदों ने वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। प्रमुख सत्रों में ताइवान जलडमरूमध्य में निरोध, IMEC कॉरिडोर, भारत का डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा (DPI) मॉडल, AI शासन व सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा और जलवायु भू-राजनीति पर चर्चा हुई।

डायलॉग में 'रायसीना साइंस डिप्लोमेसी इनिशिएटिव (SDI)' शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य तकनीकी नवाचार को वैश्विक विदेश नीति से जोड़ना है। भारत का यह प्रमुख भू-राजनीतिक सम्मेलन बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में उसकी धुरी शक्ति की भूमिका को मजबूत करता है।