भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 14 और 15 मई 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सितंबर 2026 में नई दिल्ली में प्रस्तावित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए बुलाई गई थी। ब्रिक्स समूह के विदेश मंत्रियों ने साझेदार और आमंत्रित देशों के अपने समकक्षों के साथ वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया। चर्चा सुरक्षा चुनौतियों, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय संस्थानों के सुधार पर केंद्रित रही। इससे इन विविध उभरती अर्थव्यवस्थाओं को अपने रुख में समन्वय बनाने का महत्वपूर्ण अवसर मिला। यह बैठक नई दिल्ली के प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र भारत मंडपम में हुई, जहाँ कई बड़े अंतर्राष्ट्रीय आयोजन हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यवाही के दौरान एक सम्मेलन संवाद के ज़रिए आगंतुक नेताओं से जुड़े। ब्रिक्स में मूल रूप से ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका शामिल थे। हाल के वर्षों में नए सदस्यों को जोड़कर इसका विस्तार हुआ है, जिससे वैश्विक आर्थिक शासन में इसका महत्व और ग्लोबल साउथ का इसका प्रतिनिधित्व बढ़ा है। 2026 में भारत की अध्यक्षता बहुपक्षवाद, वैश्विक संस्थानों के सुधार, आर्थिक लचीलापन और दक्षिण-दक्षिण सहयोग के विषयों पर ज़ोर देती है। बढ़े हुए वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच नई दिल्ली बैठक का महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि समूह व्यापार, प्रौद्योगिकी, जलवायु वित्त और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के पुनर्गठन जैसे मुद्दों पर साझा रुख रखना चाहता है। विदेश मंत्रियों की चर्चा के परिणामों से सितंबर शिखर सम्मेलन के एजेंडे और घोषणापत्र को आकार मिलने की उम्मीद है।
भारत की 2026 अध्यक्षता के तहत 14 और 15 मई 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक हुई, जो 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए थी; इसमें सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय सुधार पर चर्चा हुई
भारत की 2026 अध्यक्षता में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (सितंबर 2026) की तैयारी के लिए 14-15 मई 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें भारत मंडपम में सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय सुधार पर चर्चा हुई।
मुख्य तथ्य
- 14-15 मई 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित हुई
- भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत सितंबर 2026 में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए बुलाई गई
- भारत मंडपम में आयोजित; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन सत्र में आए नेताओं से जुड़े
- चर्चा में सुरक्षा चुनौतियाँ, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार शामिल रहे
- ब्रिक्स के संस्थापक सदस्य ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका हैं; नए सदस्यों के साथ इसका विस्तार हुआ
- भारत की अध्यक्षता बहुपक्षवाद, वैश्विक संस्थानों के सुधार और दक्षिण-दक्षिण सहयोग पर ज़ोर देती है
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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मई 2026 में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:\n1. यह भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत नई दिल्ली में आयोजित हुई।\n2. यह सितंबर 2026 में निर्धारित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए बुलाई गई।\nऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक 14-15 मई 2026 को नई दिल्ली में हुई। सितंबर 2026 में नई दिल्ली में प्रस्तावित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। इसलिए दोनों कथन सही हैं।
स्रोत: Al Jazeera
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक कब और कहाँ आयोजित हुई?
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 14 और 15 मई 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुई।
बैठक का उद्देश्य क्या था?
यह सितंबर 2026 में नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए बुलाई गई थी, जिसमें सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय सुधार पर चर्चा हुई।
ब्रिक्स के संस्थापक सदस्य कौन से देश हैं?
ब्रिक्स का गठन मूल रूप से ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका ने किया था, और बाद में इसमें अन्य सदस्य शामिल हुए।
भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता किन विषयों पर ज़ोर देती है?
भारत की अध्यक्षता बहुपक्षवाद, वैश्विक संस्थानों के सुधार, आर्थिक लचीलापन और दक्षिण-दक्षिण सहयोग पर ज़ोर देती है।
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