केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनगणना 2027 के शुभंकर 'प्रगति' और 'विकास' लॉन्च किए, चार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का अनावरण किया
Aसीधा उत्तर
गृह मंत्री अमित शाह ने 5 मार्च 2026 को जनगणना 2027 के शुभंकर 'प्रगति' (महिला) और 'विकास' (पुरुष) तथा C-DAC के चार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किए। भारत की पहली डिजिटल, स्व-गणना वाली जनगणना — 1931 के बाद पहली बार जाति डेटा — का HLO चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा।
मुख्य तथ्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 5 मार्च 2026 को जनगणना 2027 के शुभंकर 'प्रगति' (महिला) और 'विकास' (पुरुष) जारी किए।
C-DAC के चार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना में मदद के लिए लॉन्च किए गए।
जनगणना 2027 भारत की पहली स्व-प्रगणना वाली जनगणना होगी — नागरिक स्वयं डेटा भर सकते हैं।
इसमें 1931 की औपनिवेशिक जनगणना के बाद पहली बार जाति डेटा शामिल होगा।
गृह सूचीकरण कार्य (HLO) चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू; जनसंख्या प्रगणना 2027 में।
यह जनगणना COVID-19 महामारी के कारण 2021 से टल रही थी — इसे ऐतिहासिक प्रक्रिया माना जा रहा है।
5 मार्च 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में भारत की आगामी जनगणना 2027 के शुभंकरों और डिजिटल साधनों का प्रारंभिक शुभारंभ किया। दो शुभंकर — 'प्रगति' (महिला प्रगणक) और 'विकास' (पुरुष प्रगणक) — जनगणना प्रक्रिया का सार्वजनिक चेहरा होंगे और विकसित भारत 2047 की दिशा में राष्ट्र-निर्माण में पुरुषों और महिलाओं की समान भागीदारी का प्रतीक होंगे।
जनगणना 2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी और नागरिकों को सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल से स्व-प्रगणना की सुविधा देने वाली पहली जनगणना होगी। इसमें जाति पर भी प्रश्न शामिल होंगे; 1931 के बाद यह पहली जनगणना होगी जिसमें जाति संबंधी डेटा की गणना की जाएगी। गणना कार्यों को आसान बनाने के लिए C-DAC द्वारा विकसित चार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म शुरू किए गए।
जनगणना दो चरणों में होगी: (1) मकान सूचीकरण और आवास जनगणना (HLO) — 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक, प्रत्येक राज्य और UT 30 दिनों की निरंतर अवधि अधिसूचित करेगा; और (2) जनसंख्या गणना — फरवरी 2027 में। जनगणना 2027 का डेटा महिला आरक्षण अधिनियम (33% आरक्षण) के कार्यान्वयन के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा शुरू की गई जनगणना 2027 का भारत की प्रथम डिजिटल, स्व-प्रगणित एवं जाति-समावेशी जनगणना के रूप में महत्व की विवेचना कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
गृह मंत्री अमित शाह ने 5 मार्च 2026 को जनगणना 2027 के शुभंकर 'प्रगति' व 'विकास' तथा सी-डैक के चार डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए। भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल, स्व-प्रगणित जनगणना — 1931 के बाद पहली जाति-समावेशी — का एचएलओ चरण 1 अप्रैल 2026 से प्रारम्भ होगा; इससे महिला-आरक्षण परिसीमन व नीति-निर्धारण में मदद मिलेगी।
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भारत में जनगणना किस अधिनियम के तहत आयोजित की जाती है?
व्याख्या · सही उत्तर A
भारत में जनगणना जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत कराई जाती है। इसकी धारा 3 केंद्र सरकार को अधिसूचना द्वारा जनगणना कराने की घोषणा करने का अधिकार देती है; इसके बाद जनगणना इसी अधिनियम और संबंधित नियमों के अनुसार होती है।
जनगणना 2027 के शुभंकरों के नाम क्या हैं और वे किसका प्रतिनिधित्व करते हैं?
'प्रगति' (महिला) और 'विकास' (पुरुष) जनगणना 2027 के दो आधिकारिक शुभंकर हैं, जिन्हें गृह मंत्री अमित शाह ने 5-6 मार्च 2026 को लॉन्च किया। ये जनगणना के समावेशी और विकासोन्मुखी लक्ष्यों के प्रतीक हैं और भारत के सभी जनसांख्यिकीय समूहों की प्रगति को दर्शाते हैं।
जाति डेटा के संदर्भ में जनगणना 2027 ऐतिहासिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
जनगणना 2027 में 1931 की औपनिवेशिक जनगणना के बाद पहली बार जाति डेटा शामिल होगा। स्वतंत्रता के बाद से किसी भी जनगणना में जाति-वार प्रगणना नहीं की गई, इसलिए यह ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है। साक्ष्य-आधारित OBC कल्याण नीति और आरक्षण समायोजन के लिए जाति डेटा की लंबे समय से मांग थी।
जनगणना 2027 भारत के लिए तकनीकी दृष्टि से क्यों अभूतपूर्व है?
जनगणना 2027 भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी। इसमें स्व-प्रगणना की सुविधा है, जिससे नागरिक मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल से अपना डेटा स्वयं भर सकते हैं। इस प्रक्रिया के लिए C-DAC के चार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किए गए। यह पिछली सभी जनगणनाओं से अलग है, जो सरकारी प्रगणकों द्वारा कागज आधारित घर-घर गणना पर निर्भर थीं।
गृह सूचीकरण कार्य (HLO) चरण क्या है और यह कब शुरू होता है?
गृह सूचीकरण कार्य (HLO) जनगणना प्रक्रिया का पहला चरण है, जिसमें प्रगणक सभी आवासीय इकाइयों की पहचान कर उनकी सूची बनाते हैं। जनगणना 2027 का HLO चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ। मुख्य जनसंख्या प्रगणना 2027 में होगी। HLO डेटा प्रगणना खंडों की योजना और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए जरूरी है।
जनगणना 2021 में क्यों देरी हुई और जनगणना 2027 में C-DAC की क्या भूमिका है?
2021 की जनगणना COVID-19 महामारी के कारण स्थगित हुई। 1951 की पहली स्वतंत्र जनगणना के बाद यह पहली बार था जब जनगणना में देरी हुई। C-DAC (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कम्प्यूटिंग) ने जनगणना 2027 की डिजिटल स्व-प्रगणना प्रक्रिया के लिए चार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म विकसित किए, जो डेटा संग्रह, सत्यापन और प्रसंस्करण की आधारभूत संरचना से जुड़े हैं।
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