BIS की अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग का चरण VI राजस्थान के ब्यावर सहित सात और जिलों में लागू
Aसीधा उत्तर
BIS की अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग के चरण VI (मार्च 2026) में ब्यावर, राजस्थान सहित 7 नए जिले शामिल हुए। छह-अंकीय HUID वाले BIS हॉलमार्क का BIS Care ऐप से पता लगाया जा सकता है, जिससे विश्व के दूसरे सबसे बड़े स्वर्ण उपभोक्ता भारत में उपभोक्ताओं की सुरक्षा होती है।
मुख्य तथ्य
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने चरण VI (मार्च 2026) में राजस्थान के ब्यावर सहित 7 नए जिलों में अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग का विस्तार किया।
BIS की अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग से शुद्धता का प्रमाणन सुनिश्चित होता है; प्रत्येक हॉलमार्क वाले आभूषण पर छह-अंकीय अल्फ़ान्यूमेरिक हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर होता है।
HUID को BIS Care मोबाइल ऐप्लिकेशन से ट्रेस किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ता सोने की शुद्धता, कैरेट और जौहरी का विवरण सत्यापित कर सकते हैं।
भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता है (चीन के बाद), इसलिए हॉलमार्किंग से उपभोक्ता संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।
अनिवार्य हॉलमार्किंग वर्तमान में 14-कैरेट, 18-कैरेट और 22-कैरेट सोने के आभूषणों पर लागू है; हॉलमार्किंग केंद्र BIS अधिनियम, 2016 के तहत स्थापित हैं।
BIS हॉलमार्क प्रतीक में BIS लोगो, शुद्धता और फाइननेस (जैसे 22K के लिए 916) तथा छह-अंकीय HUID होते हैं, जो पहले लगने वाली अंकन-वर्ष की मुहर की जगह लेते हैं।
मार्च 2026 में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग के छठे चरण के तहत राजस्थान के ब्यावर सहित सात अतिरिक्त जिलों में यह व्यवस्था लागू की। इस विस्तार से अनिवार्य हॉलमार्किंग अब भारत के लगभग सभी प्रमुख स्वर्ण व्यापार केंद्रों में लागू हो गई है।
जून 2021 में शुरू हुई अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग में सभी स्वर्ण आभूषणों पर BIS हॉलमार्क अनिवार्य है, जो सोने की शुद्धता प्रमाणित करता है। अब हॉलमार्क में छह-अंकीय अल्फान्यूमेरिक Hallmark Unique Identification (HUID) नंबर होता है, जिसे BIS Care ऐप से ट्रेस किया जा सकता है। ब्यावर राजस्थान का वह जिला है जिसे अनिवार्य हॉलमार्किंग के छठे चरण में शामिल किया गया। भारत विश्व में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है जिसकी वार्षिक मांग लगभग 700–800 टन है।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारतीय मानक ब्यूरो ने छठे चरण के तहत अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग को ब्यावर सहित छह और जिलों में विस्तारित किया। एचयूआईडी-आधारित हॉलमार्किंग व्यवस्था के उपभोक्ता संरक्षण एवं स्वर्ण बाज़ार को औपचारिक बनाने में महत्व का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
मार्च 2026 में बीआईएस छठे चरण के तहत राजस्थान के ब्यावर जिले सहित सात नए जिलों में अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू हुई। छह-अंकीय एचयूआईडी बीआईएस केयर ऐप से शुद्धता (22 कैरेट = 91.6 प्रतिशत) प्रमाणित करती है, धोखाधड़ी पर अंकुश लगाती है तथा विश्व के दूसरे सबसे बड़े स्वर्ण बाज़ार में अनौपचारिक सुनारों को औपचारिक दायरे में लाती है।
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बीआईएस-हॉलमार्क वाले स्वर्ण आभूषणों पर छह-अंकीय अक्षरांकीय एचयूआईडी चिह्न क्या दर्शाता है?
व्याख्या · सही उत्तर A
HUID का अर्थ हॉलमार्क विशिष्ट पहचान संख्या है। BIS-हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों और वस्तुओं पर BIS लोगो और शुद्धता-चिह्न के साथ यह छह-अक्षरांकीय कोड दिया जाता है, जिससे हर हॉलमार्क वस्तु की अलग और खोजी जा सकने वाली पहचान बनती है।
HUID क्या है और उपभोक्ता इसे कैसे सत्यापित कर सकते हैं?
HUID (हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन) एक छह-अंकीय अल्फ़ान्यूमेरिक कोड है, जो हर BIS हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण पर अंकित होता है। उपभोक्ता BIS केयर मोबाइल ऐप पर यह कोड डालकर सोने की शुद्धता, कैरेट और जौहरी का नाम तुरंत जांच सकते हैं।
BIS अनिवार्य हॉलमार्किंग किन कैरेट के सोने पर लागू होती है?
BIS अनिवार्य हॉलमार्किंग फिलहाल 14-कैरेट, 18-कैरेट और 22-कैरेट सोने के आभूषणों पर लागू है। हॉलमार्किंग केंद्र BIS अधिनियम, 2016 के तहत स्थापित और विनियमित किए जाते हैं।
स्वर्ण हॉलमार्किंग के चरण VI में राजस्थान के ब्यावर का उल्लेख क्यों महत्वपूर्ण है?
ब्यावर उन सात नए जिलों में से एक है जिन्हें BIS की अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग के चरण VI (मार्च 2026) में शामिल किया गया। ब्यावर राजस्थान का एक प्रमुख व्यापार केंद्र है, इसलिए यहाँ हॉलमार्किंग लागू होने से उपभोक्ता संरक्षण मजबूत होता है।
वैश्विक सोने की खपत में भारत का क्या स्थान है और हॉलमार्किंग के लिए यह क्यों मायने रखता है?
भारत चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता है। हर साल इतनी बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण खरीदे जाते हैं, इसलिए अनिवार्य हॉलमार्किंग जरूरी है ताकि उपभोक्ताओं को अशुद्ध सोने से ठगा न जाए।
सोने के आभूषण पर BIS हॉलमार्क प्रतीक में कौन-सी जानकारी होती है?
BIS हॉलमार्क प्रतीक में तीन चीजें होती हैं: (1) BIS का त्रिभुजाकार लोगो, (2) शुद्धता यानी फाइननेस अंक (जैसे 22 कैरेट के लिए 916), और (3) छह-अंकीय HUID। पहले जो वर्ष बताने वाला मार्किंग स्टांप होता था, उसकी जगह अब HUID ने ले ली है, जिससे बेहतर ट्रैकिंग होती है।
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