प्रकाशित: 15 मार्च 2026PIBअर्थव्यवस्था
स्वर्ण हॉलमार्किंग 380 जिलों तक विस्तारित; बेवर (राजस्थान) 7 नए जिलों में शामिल
सरकार ने भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के छठे चरण के तहत अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग में सात जिले और जोड़े। इससे इसका दायरा 2 मार्च 2026 से 380 जिलों तक हो गया। नए जिले हैं: रूपनगर (पंजाब), बांदा (उत्तर प्रदेश), बीड (महाराष्ट्र), गोमती (त्रिपुरा), कटिहार (बिहार), ब्यावर (राजस्थान) और नीमच (मध्य प्रदेश)।
अनिवार्य हॉलमार्किंग से यह सुनिश्चित होता है कि बेचे जाने वाले सोने के आभूषण 14, 18, 20, 22, 23 या 24 कैरेट के घोषित शुद्धता मानकों पर खरे उतरें और उपभोक्ता धोखाधड़ी से बचें। भारत विश्व में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। जून 2021 में अनिवार्य किए जाने के बाद हॉलमार्किंग का क्रमिक विस्तार हुआ है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारतीय मानक ब्यूरो के छठे चरण के तहत अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग को 380 जिलों तक बढ़ाने के उपभोक्ता संरक्षण संबंधी महत्व का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
सरकार ने भारतीय मानक ब्यूरो के छठे चरण के तहत राजस्थान के ब्यावर सहित सात जिले जोड़े, जिससे 2 मार्च 2026 से अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग 380 जिलों तक विस्तारित हुई। हॉलमार्किंग 14, 18, 20, 22, 23, 24 कैरेट शुद्धता सुनिश्चित करती है; विश्व की दूसरी सबसे बड़ी स्वर्ण-उपभोक्ता अर्थव्यवस्था में यह उपभोक्ताओं की रक्षा करती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चरण VI के बाद भारत में अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग कितने जिलों में लागू है?
2 मार्च 2026 से चरण VI के बाद अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग 380 जिलों में लागू है। 7 नए जिले जोड़े गए: रूपनगर (पंजाब), बांदा (उत्तर प्रदेश), बीड (महाराष्ट्र), गोमती (त्रिपुरा), कटिहार (बिहार), ब्यावर (राजस्थान) और नीमच (मध्य प्रदेश)।
स्वर्ण हॉलमार्किंग के चरण VI में कौन से 7 नए जिले जोड़े गए?
चरण VI में रूपनगर (पंजाब), बांदा (उत्तर प्रदेश), बीड (महाराष्ट्र), गोमती (त्रिपुरा), कटिहार (बिहार), ब्यावर (राजस्थान) और नीमच (मध्य प्रदेश)—ये 7 नए जिले जोड़े गए। कुल दायरा 380 जिलों तक पहुँच गया।
हॉलमार्क विशिष्ट पहचान संख्या (HUID) क्या है?
हॉलमार्क विशिष्ट पहचान संख्या (HUID) वह विशिष्ट संख्या है, जो भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) प्रत्येक हॉलमार्क लगे सोने के आभूषण को देता है। अनिवार्य हॉलमार्किंग जून 2021 में शुरू हुई और जुलाई 2021 से अब तक 60 करोड़ से अधिक सोने की वस्तुओं पर HUID हॉलमार्क लगाया जा चुका है।
भारत में अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग कब शुरू हुई और इसे कितने चरणों में बढ़ाया गया?
अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग जून 2021 में पहले चरण के 256 जिलों से शुरू हुई। 2 मार्च 2026 तक छठे चरण में यह भारत के लगभग 800 जिलों में से 380 जिलों तक पहुँच गई और 60 करोड़ से अधिक वस्तुओं पर हॉलमार्क लगाया जा चुका था।
अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग लागू करने में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की क्या भूमिका है?
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग लागू करता है और हॉलमार्क विशिष्ट पहचान संख्या (HUID) जारी करके सोने की शुद्धता तथा उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करता है। जून 2021 से इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया है; मार्च 2026 तक यह 380 जिलों में लागू है और 60 करोड़ से अधिक वस्तुओं पर हॉलमार्क लगाया जा चुका है।