प्रकाशित: 27 नवंबर 2025समाचार स्रोतशासन
PRS मासिक नीति समीक्षा नवंबर 2025: शीतकालीन सत्र में विधेयकों का एजेंडा
PRS विधायी अनुसंधान ने नवंबर 2025 की अपनी मासिक नीति समीक्षा जारी की, जिसमें संसद के तब आगामी शीतकालीन सत्र के विधायी एजेंडे का व्यापक अवलोकन दिया गया। शीतकालीन सत्र 1 से 19 दिसंबर 2025 तक आयोजित हुआ, यानी महत्वपूर्ण विधायी सुधारों के लिए तीन सप्ताह का समय था।
समीक्षा में शीतकालीन सत्र के एजेंडे के दस प्रमुख विधेयकों को रेखांकित किया गया है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं: प्रतिभूति बाजार संहिता, जिसका उद्देश्य भारत के खंडित प्रतिभूति कानूनों को समेकित और आधुनिक बनाना है; बीमा (संशोधन) विधेयक, जिसमें बीमा क्षेत्र में FDI सीमा को वर्तमान 74% से बढ़ाकर 100% करने का प्रस्ताव है; और उच्च शिक्षा आयोग भारत (HECI) विधेयक, जो UGC की जगह एक व्यापक नियामक निकाय बनाने की बात करता है।
अन्य उल्लेखनीय विधेयकों में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी की अनुमति देने वाला विधेयक और राष्ट्रीय राजमार्ग संशोधन विधेयक शामिल हैं। इन विधेयकों से प्रमुख क्षेत्रों को उदार बनाने और नियामक ढांचे को आधुनिक बनाने की सरकार की मंशा स्पष्ट होती है।
PRS समीक्षा में यह भी उल्लेख है कि दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) संशोधन विधेयक पिछले सत्रों से लंबित है। PRS विधायी अनुसंधान स्वतंत्र और गैर-पक्षपाती विधायी विश्लेषण देकर भारतीय संसदीय लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PRS विधायी अनुसंधान क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
PRS एक स्वतंत्र, गैर-पक्षपाती अनुसंधान संगठन है, जो भारत में कानून और नीतियों से जुड़े विकास का विश्लेषण करता है। इसकी मासिक नीति समीक्षाओं का नीति-निर्माता, शिक्षाविद और UPSC/राज्य सेवा अभ्यर्थी व्यापक रूप से उपयोग करते हैं।
भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (HECI) विधेयक क्या है?
HECI विधेयक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की जगह एक व्यापक उच्च शिक्षा आयोग बनाने का प्रस्ताव करता है। इसका उद्देश्य देश के उच्च शिक्षा क्षेत्र को अधिक स्वायत्तता और सुव्यवस्थित शासन के साथ विनियमित और सुधारना है।
बीमा संशोधन विधेयक में कौन-से बदलाव प्रस्तावित हैं?
बीमा संशोधन विधेयक बीमा क्षेत्र में FDI सीमा को मौजूदा 74% से बढ़ाकर 100% करने का प्रस्ताव करता है।
IBC संशोधन विधेयक का क्या महत्व है?
IBC संशोधन विधेयक का उद्देश्य समाधान की समयसीमा में होने वाली देरी कम करना और संकटग्रस्त संपत्तियों से जुड़े मामलों में लेनदारों के अधिकारों को स्पष्ट करना है।
परमाणु ऊर्जा में निजी क्षेत्र को अनुमति देने का क्या महत्व है?
परमाणु ऊर्जा में निजी क्षेत्र की भागीदारी से NPCIL और DAE जैसी सरकारी संस्थाओं का दीर्घकालिक एकाधिकार टूटेगा, जिससे परमाणु क्षमता वृद्धि में तेजी आ सकती है।