रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 सितंबर 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से 'समुद्र प्रदक्षिणा' — विश्व के प्रथम त्रि-सेवा सर्वमहिला परिभ्रमण नौकायन अभियान — को वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाई। दस महिला अधिकारी — पाँच सेना, एक नौसेना, चार वायु सेना से — स्वदेश निर्मित भारतीय सेना नौकायन पोत (IASV) त्रिवेणी पर सवार होकर नौ महीनों (सितंबर 2025 – मई 2026) में पूर्वी मार्ग से लगभग 26,000 समुद्री मील की यात्रा करेंगी। लेफ्टिनेंट कर्नल अनुजा वारुडकर के नेतृत्व में यह अभियान भूमध्य रेखा को दो बार पार करेगा और तीन महान अंतरीपों (लूविन, हॉर्न, गुड होप) से होकर गुजरेगा।
समुद्र प्रदक्षिणा: भारत ने दुनिया का पहला त्रि-सेवा महिला परिभ्रमण अभियान शुरू किया
भारत ने समुद्र प्रदक्षिणा — विश्व का पहला त्रि-सेवा सर्वमहिला परिभ्रमण अभियान — शुरू किया, जिसमें 10 महिला अधिकारी IASV त्रिवेणी पर 9 महीनों में 26,000 समुद्री मील की यात्रा करेंगी और NIO के साथ समुद्री माइक्रोप्लास्टिक पर शोध भी करेंगी।
मुख्य तथ्य
- भारत ने समुद्र प्रदक्षिणा शुरू किया — दुनिया का पहला अभियान, जिसमें तीनों सेनाओं की केवल महिला टीम समुद्री परिक्रमा करेगी।
- 10 महिला अधिकारी IASV त्रिवेणी पर 9 महीनों में 26,000 समुद्री मील की यात्रा करेंगी।
- मिशन में राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान के साथ समुद्री माइक्रोप्लास्टिक पर शोध शामिल।
- अभियान में तीनों सशस्त्र सेवाओं: थलसेना, नौसेना और वायुसेना का प्रतिनिधित्व है।
- यह रक्षा बलों में महिलाओं की भूमिका के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
- वैश्विक समुद्री अन्वेषण इतिहास में ऐतिहासिक उपलब्धि।
6-अक्ष वर्गीकरण
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सितंबर 2025 में रवाना किए गए 'समुद्र प्रदक्षिणा' सर्व-महिला त्रि-सेवा परिक्रमा अभियान का नेतृत्व कौन कर रहा है?
यह अभियान, जिसमें सेना, नौसेना और वायु सेना की 10 महिला अधिकारी शामिल हैं, लेफ्टिनेंट कर्नल अनुजा वरुडकर के नेतृत्व में है और नौ महीनों तक चलते हुए तीनों महान अंतरीपों को पार करेगा।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
समुद्र प्रदक्षिणा क्या है और यह ऐतिहासिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
समुद्र प्रदक्षिणा भारत की तीनों सेनाओं का सर्वमहिला परिभ्रमण अभियान है — विश्व इतिहास में अपनी तरह का पहला। थलसेना, नौसेना और वायुसेना का प्रतिनिधित्व करने वाली 10 महिला अधिकारी IASV त्रिवेणी पर 9 महीनों में 26,000 समुद्री मील की यात्रा कर रही हैं, जो वैश्विक समुद्री अन्वेषण में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
समुद्र प्रदक्षिणा अभियान के लिए किस जलयान का उपयोग किया जा रहा है और यात्रा कितनी लंबी है?
अभियान में IASV त्रिवेणी (भारतीय सशस्त्र सेवा जलयान) का उपयोग किया जा रहा है। 10 महिला अधिकारियों का दल परिभ्रमण के दौरान 9 महीनों में लगभग 26,000 समुद्री मील की दूरी तय कर रहा है।
समुद्र प्रदक्षिणा अभियान के दौरान कौन सा वैज्ञानिक शोध किया जा रहा है?
परिभ्रमण के साथ-साथ दल राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (NIO) के सहयोग से समुद्री माइक्रोप्लास्टिक पर शोध भी कर रहा है। इससे मिशन में पर्यावरण से जुड़ा पहलू भी शामिल होता है और महासागर प्रदूषण को वैश्विक स्तर पर समझने में मदद मिलती है।
समुद्र प्रदक्षिणा भारत की तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व कैसे करता है?
समुद्र प्रदक्षिणा को 'त्रि-सेवा' अभियान कहा जाता है क्योंकि IASV त्रिवेणी पर सवार 10 महिला अधिकारी भारत के तीनों रक्षा बलों — थलसेना, नौसेना और वायुसेना — का प्रतिनिधित्व करती हैं। किसी भी परिभ्रमण यात्रा में ऐसा संयुक्त प्रतिनिधित्व वैश्विक स्तर पर पहली बार हुआ है।
समुद्र प्रदक्षिणा भारत के रक्षा बलों में महिलाओं की भूमिका के बारे में क्या दर्शाता है?
यह अभियान दिखाता है कि भारत सशस्त्र बलों में महिलाओं को अग्रिम पंक्ति और साहसिक भूमिकाओं में शामिल करने के प्रति लगातार अधिक प्रतिबद्ध हो रहा है। विश्व का पहला त्रि-सेवा सर्वमहिला परिभ्रमण शुरू कर भारत ने उच्च जोखिम वाले सैन्य और समुद्री अभियानों में महिलाओं की भागीदारी के लिए वैश्विक मानदंड स्थापित किया है।
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