फरवरी 2026 की शुरुआत में, खान मंत्रालय ने अपतटीय क्षेत्र खनिज (अवैध खनन और परिवहन की रोकथाम) नियम, 2026 अधिसूचित किए, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए। ये नियम हाइड्रोकार्बन को छोड़कर सभी अपतटीय खनिजों पर लागू होते हैं।

प्रमुख प्रावधानों के तहत परिचालन अधिकार धारकों और वाहकों के लिए रियल-टाइम इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके जरिए जहाजों की ट्रैकिंग, वजन का रिकॉर्ड, खनन की मात्रा और घनत्व की निगरानी तथा तस्वीर और वीडियो फीड दर्ज की जाएगी। खनिज भेजने से पहले, सभी विवरण विनियमन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे, जिसके आधार पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित ट्रांजिट परमिट जारी होगा।

दंड में पांच साल तक का कारावास, ₹50 लाख से ₹1 करोड़ का जुर्माना और अपराध जारी रहने पर प्रतिदिन ₹5 लाख अतिरिक्त जुर्माना शामिल हैं। भारत के 200 समुद्री मील तक फैले अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में बहुधात्विक पिंड, कोबाल्ट-समृद्ध परतें और दुर्लभ मृदा खनिज जैसे महत्वपूर्ण संसाधन मौजूद हैं।