प्रकाशित: 9 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतशासन
खान मंत्रालय ने अपतटीय क्षेत्र खनिज (अवैध खनन रोकथाम) नियम, 2026 अधिसूचित किए — वास्तविक समय में इलेक्ट्रॉनिक निगरानी अनिवार्य
फरवरी 2026 की शुरुआत में, खान मंत्रालय ने अपतटीय क्षेत्र खनिज (अवैध खनन और परिवहन की रोकथाम) नियम, 2026 अधिसूचित किए, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए। ये नियम हाइड्रोकार्बन को छोड़कर सभी अपतटीय खनिजों पर लागू होते हैं।
प्रमुख प्रावधानों के तहत परिचालन अधिकार धारकों और वाहकों के लिए रियल-टाइम इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके जरिए जहाजों की ट्रैकिंग, वजन का रिकॉर्ड, खनन की मात्रा और घनत्व की निगरानी तथा तस्वीर और वीडियो फीड दर्ज की जाएगी। खनिज भेजने से पहले, सभी विवरण विनियमन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे, जिसके आधार पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित ट्रांजिट परमिट जारी होगा।
दंड में पांच साल तक का कारावास, ₹50 लाख से ₹1 करोड़ का जुर्माना और अपराध जारी रहने पर प्रतिदिन ₹5 लाख अतिरिक्त जुर्माना शामिल हैं। भारत के 200 समुद्री मील तक फैले अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में बहुधात्विक पिंड, कोबाल्ट-समृद्ध परतें और दुर्लभ मृदा खनिज जैसे महत्वपूर्ण संसाधन मौजूद हैं।
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खनन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित अपतटीय क्षेत्र खनिज अवैध खनन और परिवहन निवारण नियम, 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या · सही उत्तर Aये 2026 नियम खनन मंत्रालय ने अपतटीय क्षेत्र खनिज विकास और विनियमन अधिनियम, 2002 के तहत अधिसूचित किए। इनका उद्देश्य अपतटीय क्षेत्रों से खनिजों के अवैध खनन और परिवहन को रोकना तथा नियंत्रित करना है। ये स्थलीय लघु खनिज, हाइड्रोकार्बन खोज या कोयला ब्लॉक विवादों से जुड़े नियम नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अपतटीय क्षेत्र खनिज (अवैध खनन रोकथाम) नियम, 2026 क्या हैं और ये कब अधिसूचित हुए?
खान मंत्रालय ने फरवरी 2026 में ये नियम अधिसूचित किए। इनमें सभी अपतटीय खनिज परिचालनों के लिए अनिवार्य रियल-टाइम इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग, डिजिटल ट्रांजिट परमिट और अवैध खनन पर ₹1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है।
2026 के अपतटीय खनन नियम किन खनिजों पर लागू होते हैं और इनमें किन्हें बाहर रखा गया है?
ये नियम भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) और महाद्वीपीय शेल्फ में पाए जाने वाले सभी अपतटीय खनिजों पर लागू होते हैं। हाइड्रोकार्बन — तेल और प्राकृतिक गैस — को इनसे स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया है, क्योंकि उनका नियंत्रण अलग कानून के तहत होता है।
2026 के नियमों के तहत अवैध अपतटीय खनिज निष्कर्षण पर क्या दंड है?
अपतटीय क्षेत्र खनिज (अवैध खनन रोकथाम) नियम, 2026 के तहत अवैध अपतटीय खनन पर प्रति उल्लंघन ₹1 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह अनधिकृत निष्कर्षण को रोकने के लिए बड़ी आर्थिक रोक का काम करता है।
2026 के अपतटीय खनिज नियमों में डिजिटल ट्रांजिट परमिट की क्या भूमिका है?
2026 के नियमों के तहत सभी अपतटीय खनिजों की आवाजाही के लिए डिजिटल ट्रांजिट परमिट अनिवार्य कर दिए गए हैं; कागजी परमिट अब मान्य नहीं हैं। डिजिटल रिकॉर्ड रखने से अपतटीय खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला में बेहतर निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही आती है।
भारत का अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) क्या है और वहाँ अवैध खनन रोकना क्यों जरूरी है?
भारत का EEZ उसकी तटरेखा से 200 नॉटिकल मील तक फैला है — यह क्षेत्र रेत, पॉलीमेटेलिक नोड्यूल और समुद्र तल के अन्य भंडारों से समृद्ध है। EEZ में अवैध निष्कर्षण से राष्ट्र को राजस्व की हानि होती है और समुद्री पारिस्थितिकी को खतरा होता है, इसलिए संसाधनों के सही प्रबंधन के लिए 2026 के नियम महत्वपूर्ण हैं।