12 दिसम्बर 2025 को नैरोबी में आयोजित 7वीं संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा (UNEA-7) में भारत के सह-प्रायोजन से वनाग्नि प्रबंधन पर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की उस चेतावनी की पृष्ठभूमि में लाया गया, जिसमें कहा गया था कि वनाग्नि की आवृत्ति और तीव्रता 2030 तक 14% और सदी के अंत तक 50% तक बढ़ सकती है।

वनाग्नि जलवायु परिवर्तन के सबसे विनाशकारी परिणामों में से एक बन चुकी है। 2025 में कनाडा, ग्रीस, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में भीषण वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनसे लाखों हेक्टेयर जंगल जले और अरबों टन CO2 वायुमंडल में मिली। UNEA-7 के प्रस्ताव में सदस्य देशों से आग्रह किया गया है कि वे पूर्व चेतावनी प्रणालियों, उपग्रह-आधारित अग्नि निगरानी और सामुदायिक तैयारी कार्यक्रमों में निवेश करें।

भारत में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान जैसे राज्यों में हाल के वर्षों में वनाग्नि की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) ने MODIS और VIIRS उपग्रह डेटा का उपयोग करके देशभर में 36,000 से अधिक आग-प्रवण स्थानों का मानचित्रण किया है। UNEA-7 प्रस्ताव के सह-प्रायोजन से भारत की जलवायु कार्रवाई के प्रति प्रतिबद्धता का पता चलता है।

प्रस्ताव में एकीकृत अग्नि प्रबंधन दृष्टिकोण पर बल दिया गया है, जो पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़ता है। इसमें अग्निशमन उपकरण साझा करने, विकासशील देशों की क्षमता निर्माण और राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन योजनाओं में वनाग्नि जोखिम को शामिल करने का भी आह्वान किया गया है।

अतिरिक्त संदर्भ: UNEA-7 ने भारत के सह-प्रायोजन से वनाग्नि प्रबंधन प्रस्ताव पारित किया; UNEP ने 2030 तक 14% और 2100 तक 50% वृद्धि की चेतावनी दी; प्रस्ताव में पूर्व चेतावनी प्रणाली और उपग्रह निगरानी पर बल। मुख्य पहलू: UNEA-7 नैरोबी में 12 दिसम्बर 2025 को हुई; भारत ने वनाग्नि प्रस्ताव का सह-प्रायोजन किया। UNEP ने चेतावनी दी कि वनाग्नि 2030 तक 14% और 2100 तक 50% बढ़ सकती है। प्रस्ताव में पूर्व चेतावनी प्रणाली और उपग्रह निगरानी की मांग की गई। FSI ने MODIS और VIIRS डेटा से भारत में 36,000+ अग्नि-प्रवण स्थानों का मानचित्रण किया। प्रस्ताव में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के एकीकरण पर बल दिया गया। अग्निशमन उपकरण साझा करने और क्षमता निर्माण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग शामिल है। सामान्य प्रश्न: UNEA-7 क्या है और यह कहाँ आयोजित हुई? UNEA-7, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा का 7वाँ सत्र है, जो 12 दिसम्बर 2025 को नैरोबी, केन्या में आयोजित हुआ। यह पर्यावरण मामलों पर विश्व की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। UNEA-7 के वनाग्नि प्रस्ताव में देशों से क्या अपेक्षाएं हैं? प्रस्ताव में सदस्य देशों से पूर्व चेतावनी प्रणालियों, उपग्रह-आधारित अग्नि निगरानी, सामुदायिक तैयारी कार्यक्रमों में निवेश और राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन योजनाओं में वनाग्नि जोखिम को शामिल करने की मांग की गई है। UNEP के अनुसार वनाग्नि में कितनी वृद्धि होगी? UNEP ने चेतावनी दी है कि वनाग्नि की आवृत्ति और तीव्रता 2030 तक 14% और 21वीं सदी के अंत (2100) तक 50% तक बढ़ सकती है। भारत में अग्नि-प्रवण क्षेत्रों का मानचित्रण कौन करता है? भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) MODIS और VIIRS उपग्रह डेटा का उपयोग करके 36,000 से अधिक अग्नि-प्रवण स्थानों का मानचित्रण करता है। यह प्रस्ताव भारत की वन नीति से कैसे जुड़ा है? भारत का सह-प्रायोजन पेरिस समझौते और कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के तहत उसकी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है तथा उत्तराखंड, राजस्थान और ओडिशा जैसे राज्यों में वनाग्नि कम करने के घरेलू प्रयासों से मेल खाता है।