प्रकाशित: 6 अक्टूबर 2025NobelPrize.orgविज्ञान-प्रौद्योगिकी
नोबेल भौतिकी पुरस्कार 2025 क्लार्क, डेवोरे और मार्टिनिस को मैक्रोस्कोपिक क्वांटम टनलिंग की खोज के लिए प्रदान
नोबेल भौतिकी पुरस्कार 2025 संयुक्त रूप से जॉन क्लार्क (ब्रिटेन/अमेरिका), मिशेल एच. डेवोरे (फ्रांस/अमेरिका) और जॉन एम. मार्टिनिस (अमेरिका) को विद्युत परिपथ में मैक्रोस्कोपिक क्वांटम यांत्रिक टनलिंग और ऊर्जा क्वांटीकरण की खोज के लिए प्रदान किया गया। इसकी घोषणा 7 अक्टूबर 2025 को रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज द्वारा की गई।
जॉन क्लार्क, 1942 में कैम्ब्रिज, ब्रिटेन में जन्मे, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में प्रोफेसर हैं। मिशेल एच. डेवोरे, 1953 में पेरिस, फ्रांस में जन्मे, येल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और गूगल क्वांटम एआई में क्वांटम हार्डवेयर के मुख्य वैज्ञानिक हैं। जॉन एम. मार्टिनिस, 1958 में जन्मे, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सांता बारबरा में प्रोफेसर और क्यूलैब में मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी हैं।
विजेताओं ने दिखाया कि क्वांटम टनलिंग और क्वांटीकृत ऊर्जा स्तर — जिन्हें पहले केवल सूक्ष्म कणों में देखी जाने वाली घटनाएं माना जाता था — हाथ में पकड़े जा सकने वाले बड़े विद्युत परिपथों में भी हो सकते हैं। इस अभूतपूर्व कार्य ने आधुनिक क्वांटम कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकी की नींव रखी। पुरस्कार राशि 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर थी, जो समान रूप से विभाजित की गई।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: मैक्रोस्कोपिक क्वांटम टनलिंग प्रदर्शित करने के लिए क्लार्क, डेवोरे तथा मार्टिनिस को 2025 के नोबेल भौतिकी पुरस्कार के वैज्ञानिक महत्व एवं क्वांटम कंप्यूटिंग पर इसके निहितार्थों की विवेचना कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
7 अक्टूबर 2025 को रॉयल स्वीडिश अकादमी ने जॉन क्लार्क, मिशेल डेवोरे तथा जॉन मार्टिनिस को संयुक्त रूप से नोबेल भौतिकी पुरस्कार दिया — विद्युत परिपथ में मैक्रोस्कोपिक क्वांटम टनलिंग एवं ऊर्जा क्वांटीकरण प्रदर्शित करने के लिए, यानी उन घटनाओं को दिखाने के लिए जिन्हें पहले सूक्ष्म कणों तक सीमित माना जाता था। उनका कार्य आधुनिक क्वांटम कंप्यूटिंग की नींव है।
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजअंतरराष्ट्रीयविषयपुरस्कार एवं सम्मानपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · प्रारंभिकस्रोतNobelPrize.org
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नआसान
नोबेल भौतिकी पुरस्कार 2025 मैक्रोस्कोपिक क्वांटम-यांत्रिक टनलिंग की खोज के लिए किस प्रकार की प्रणाली में दिया गया?
व्याख्या · सही उत्तर B2025 का नोबेल भौतिकी पुरस्कार क्लार्क, डेवोरे और मार्टिनिस को विद्युत परिपथों में मैक्रोस्कोपिक क्वांटम यांत्रिक टनलिंग और ऊर्जा क्वांटीकरण प्रदर्शित करने के लिए प्रदान किया गया। उन्होंने दिखाया कि क्वांटम प्रभाव सूक्ष्म कणों तक सीमित नहीं हैं बल्कि हाथ में पकड़ने योग्य बड़े विद्युत परिपथों में भी हो सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नोबेल पुरस्कार 2025 (भौतिकी) किसे मिला?
नोबेल भौतिकी 2025 **जॉन क्लार्क** (ब्रिटेन/अमेरिका), **मिशेल एच. डेवोरे** (फ्रांस/अमेरिका) और **जॉन एम. मार्टिनिस** (अमेरिका) को **मैक्रोस्कोपिक क्वांटम टनलिंग** और **विद्युत परिपथ में ऊर्जा के क्वांटीकरण** की खोज के लिए दिया गया।
मैक्रोस्कोपिक क्वांटम टनलिंग क्या है?
इसका मतलब है कि बड़े विद्युत परिपथों में भी क्वांटम प्रभाव देखे जा सकते हैं। क्लार्क, डेवोरे और मार्टिनिस ने इसे सुपरकंडक्टिंग परिपथों में सिद्ध किया, जिससे क्वांटम कंप्यूटिंग हार्डवेयर बनाना संभव हुआ।
नोबेल भौतिकी 2025 की पुरस्कार राशि कितनी थी?
नोबेल भौतिकी 2025 की पुरस्कार राशि **1 करोड़ 10 लाख स्वीडिश क्रोनर** थी, जो तीनों विजेताओं में समान रूप से बांटी गई।
नोबेल भौतिकी 2025 वाले शोध से क्वांटम कंप्यूटर कैसे संभव हुए?
मैक्रोस्कोपिक सुपरकंडक्टिंग परिपथों में क्वांटम टनलिंग दिखाए जाने से **सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट** का डिजाइन संभव हुआ।
नोबेल भौतिकी पुरस्कार की घोषणा कौन करता है?
**रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज** नोबेल भौतिकी पुरस्कार की घोषणा करती है।