26 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की कि ईरान ने भारत के वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है। इस जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। 28 फरवरी 2026 से संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद यह क्षेत्र वस्तुतः नाकाबंदी की स्थिति में है।

भारत के अलावा रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक के जहाजों को भी सुरक्षित मार्ग दिया गया है। हालांकि, संघर्ष में शामिल संयुक्त राज्य अमेरिका, इज़राइल और कुछ खाड़ी देशों के जहाजों को पारगमन अधिकारों से वंचित किया गया है।

भारत ने पहले ही जलडमरूमध्य से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस ले जाने वाले दो भारतीय ध्वज वाले जहाजों का सुरक्षित पारगमन सुनिश्चित कर लिया था। नई दिल्ली ने ऊर्जा संकट के बीच तेहरान के साथ संवाद तेज करते हुए संघर्ष पर तटस्थ रुख बनाए रखा है। इसे भारतीय कूटनीति की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।