डाउन टू अर्थ और मोंगाबे इंडिया के एक विश्लेषण ने 7 फरवरी 2026 के आसपास मेघालय के रैट-होल कोयला खनन क्षेत्र में नियमन लागू कराने की साफ विफलता बताई। 5 फरवरी 2026 को ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में एक अवैध रैट-होल खदान में विस्फोट से 27 से 34 श्रमिकों की मौत हो गई — सटीक आंकड़ा विवादित रहा — जो क्षेत्र में स्वतंत्र भारत की सबसे भीषण खनन आपदाओं में से एक था। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने 2014 में व्यापक पर्यावरणीय नुकसान और बार-बार होने वाली दुर्घटनाओं के बाद मेघालय में रैट-होल खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था — इसमें 2018 का कसान खदान हादसा भी शामिल था, जिसमें 15 खनिक फंस गए थे और कभी बचाए नहीं जा सके। 12 साल पुराने प्रतिबंध के बावजूद अवैध रैट-होल कोयला खनन खुलेआम जारी रहा — इसकी वजह कोयले पर निर्भर स्थानीय आजीविका, भ्रष्टाचार और राज्य स्तर पर कार्रवाई की कमज़ोरी रही। रैट-होल खनन में कोयले की परतों तक पहुंचने के लिए पहाड़ियों में संकरी क्षैतिज सुरंगें खोदी जाती हैं; यह मुख्य रूप से मेघालय की जयंतिया हिल्स में प्रचलित है। 5 फरवरी के विस्फोट के बाद मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने न्यायिक जाँच आयोग के गठन का आदेश दिया। हालांकि आलोचकों ने इसे बार-बार दोहराया जाने वाला ढर्रा बताया — त्रासदी के बाद जाँच, लेकिन कोई संरचनात्मक सुधार नहीं।
मेघालय रैट-होल माइनिंग: NGT प्रतिबंध अप्रभावी — "कागज़ पर बैन, हकीकत में मौत"
मेघालय में 2014 के NGT रैट-होल माइनिंग प्रतिबंध के बावजूद, ईस्ट जयंतिया हिल्स में विस्फोट से 27-34 श्रमिकों की मौत (5 फरवरी 2026)। मुख्यमंत्री संगमा ने न्यायिक जाँच आयोग के आदेश दिए। आलोचक इसे "कागज़ पर बैन, हकीकत में मौत" बताते हैं।
मुख्य तथ्य
- NGT ने 2014 में पर्यावरणीय नुकसान और दुर्घटनाओं के बाद मेघालय में रैट-होल माइनिंग पर प्रतिबंध लगाया था
- 5 फरवरी 2026: ईस्ट जयंतिया हिल्स में अवैध रैट-होल खदान में विस्फोट — 27-34 श्रमिकों की मौत
- 2018 कसान खदान हादसा: 15 खनिक फंसे, कोई भी जीवित नहीं बचा
- रैट-होल माइनिंग: कोयला निकालने के लिए पहाड़ियों में संकरी क्षैतिज सुरंगें
- CM कोनराड संगमा ने 5 फरवरी के विस्फोट के बाद न्यायिक जाँच आयोग गठित करने के आदेश दिए
- डाउन टू अर्थ: 'कागज़ पर प्रतिबंध, हकीकत में मौत' — NGT प्रतिबंध लागू नहीं
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: राष्ट्रीय हरित अधिकरण के 12-वर्षीय प्रतिबंध के बावजूद, फरवरी 2026 के मेघालय ईस्ट जयंतिया हिल्स रैट-होल खनन विस्फोट में 27-34 श्रमिकों की मौत हुई। निरंतर अवैध खनन के कारणों की विवेचना करें और प्रभावी प्रवर्तन के लिए संरचनात्मक सुधार सुझाएं।
उत्तर (50 शब्द):
5 फरवरी 2026 को ईस्ट जयंतिया हिल्स विस्फोट में 27-34 श्रमिक मारे गए, जबकि 2014 का राष्ट्रीय हरित अधिकरण प्रतिबंध लागू था; यह 2018 क्सान हादसे (15 फंसे खनिक) की पुनरावृत्ति है। कोयला-आश्रित आजीविका और कमजोर प्रवर्तन से खनन जारी रहा। संगमा ने न्यायिक आयोग की घोषणा की; व्यापक खनन नियमन कानून आवश्यक है।
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रैट-होल माइनिंग मुख्य रूप से भारत के किस राज्य से संबंधित है और इसमें कौन सी विशेष तकनीक शामिल है?
रैट-होल माइनिंग मुख्य रूप से मेघालय की जयंतिया हिल्स में की जाती है। इसमें कोयले की सीम निकालने के लिए पहाड़ियों में संकरी क्षैतिज सुरंगें खोदी जाती हैं। ढहने और गैस विस्फोट के जोखिम के कारण यह अत्यंत खतरनाक है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
5 फरवरी 2026 का खदान विस्फोट किस जिले में हुआ?
ईस्ट जयंतिया हिल्स, मेघालय
रैट-होल माइनिंग क्या है?
कोयला निकालने के लिए पहाड़ियों में संकरी क्षैतिज सुरंगें खोदने की प्रथा
5 फरवरी 2026 के विस्फोट के बाद मेघालय CM ने क्या किया?
न्यायिक जाँच आयोग के गठन का आदेश दिया
2018 में मेघालय की खनन आपदा को क्या कहा गया?
कसान खदान हादसा — 15 खनिक फँसे और बचाए नहीं जा सके
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