केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, यानी सीपीसीबी, ने 22 सितंबर 2025 को नई दिल्ली के परिवेश भवन में अपना 51वां स्थापना दिवस मनाया। इसी मौके पर समीर 2.0 वायु गुणवत्ता ऐप लॉन्च किया गया। यह अपडेटेड ऐप बेहतर यूज़र इंटरफ़ेस, पर्सनल अलर्ट, लोकेशन-आधारित सेवाओं और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने वाली सुविधाओं के साथ आया है। ऐप का मुख्य महत्व यह है कि आम नागरिक अपने क्षेत्र की वायु गुणवत्ता को तुरंत समझ सकें और प्रदूषण से जुड़ी जानकारी सिर्फ़ सरकारी रिपोर्ट तक सीमित न रहे। इससे निगरानी, सूचना और जन-भागीदारी एक ही नागरिक-केंद्रित सेवा में जुड़ते हैं।
कार्यक्रम में सीपीसीबी के नए भवन की आधारशिला भी रखी गई और पुणे तथा शिलांग में क्षेत्रीय निदेशालयों की 2 नई प्रयोगशालाओं का उद्घाटन हुआ। पुणे की प्रयोगशाला 70 पर्यावरणीय पैरामीटर तक और शिलांग की प्रयोगशाला 62 पर्यावरणीय पैरामीटर तक निगरानी कर सकती है। इनसे क्रमशः महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों में प्रदूषण निगरानी की क्षमता मजबूत होगी। परीक्षा के लिए यह खबर पर्यावरणीय शासन, वायु गुणवत्ता निगरानी, डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं और केंद्र-राज्य प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था से जुड़ती है।
RAS और UPSC प्रीलिम्स में इससे समीर 2.0, सीपीसीबी का 51वां स्थापना दिवस, प्रयोगशालाओं के स्थान और वायु गुणवत्ता निगरानी जैसी सीधी तथ्यात्मक बातें पूछी जा सकती हैं। मुख्य परीक्षा में यह उदाहरण पर्यावरण नियमन में तकनीक, नागरिक भागीदारी और संस्थागत क्षमता बढ़ाने के संदर्भ में उपयोगी है। स्टैटिक जीके के तौर पर इसे प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों, वायु गुणवत्ता सूचकांक और पर्यावरणीय अनुपालन की व्यापक थीम से जोड़कर पढ़ना चाहिए।
