भारतीय रेलवे ने मार्च 2026 तक अपने 70,142 रूट-किलोमीटर ब्रॉड गेज नेटवर्क के लगभग 99.6% विद्युतीकरण के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की — यह दुनिया की सबसे अधिक विद्युतीकृत रेल प्रणालियों में से एक है। इस उपलब्धि के साथ भारत चीन (82%), जापान (64%) और यूके (39%) से आगे है। एक दशक पहले यह विद्युतीकरण लगभग 40% था, जो राष्ट्रीय रेल योजना और हरित परिवहन की सरकारी पहल के तहत तेजी से बढ़ा। रेलवे विद्युतीकरण से डीजल पर निर्भरता समाप्त होती है, कार्बन उत्सर्जन घटता है, परिचालन लागत कम होती है और उच्च गति रेल संचालन संभव होता है। राजस्थान इस विद्युतीकरण अभियान का प्रमुख लाभार्थी रहा है — जयपुर-दिल्ली, जयपुर-जोधपुर, जयपुर-अजमेर और पश्चिमी राजस्थान की मरुस्थल रेल लाइनें विद्युतीकृत हो चुकी हैं। रेल मंत्रालय के अनुसार पूर्ण विद्युतीकरण से प्रतिवर्ष लगभग ₹14,000 करोड़ की डीजल लागत बचेगी।