25 मार्च 2026 को S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि का अनुमान 7.1% कर दिया, जो पहले के अनुमान से 0.2 प्रतिशत अंक अधिक है। एजेंसी ने FY2025-26 की वृद्धि दर का अनुमान भी 0.4 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 7.6% कर दिया। इससे भारत वैश्विक स्तर पर सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया। S&P ने मजबूत निजी उपभोग, निजी निवेश में मामूली सुधार और ठोस निर्यात प्रदर्शन को वृद्धि के मुख्य कारण बताया।

हालांकि, S&P ने होर्मुज जलडमरूमध्य संकट से जुड़े बड़े जोखिमों को लेकर चेतावनी भी दी। यह संकट 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इज़रायल के ईरान पर संयुक्त सैन्य हमलों के बाद उभरा। भारत इस जलडमरूमध्य से प्रतिदिन लगभग 26 लाख बैरल कच्चा तेल आयात करता है। लंबे समय तक व्यवधान रहने पर व्यापार घाटा बढ़ सकता है और मुद्रास्फीति भी बढ़ सकती है, जिसके FY27 में 4.3% रहने का अनुमान है। सेवाओं में व्यापार अधिशेष चालू खाता घाटे को आंशिक रूप से सीमित रखेगा।