SMRI 2025 की 'श्रेणी A' (संसाधन-समृद्ध राज्य) में राजस्थान की शीर्ष रैंकिंग भारत के खनिज क्षेत्र में उसके सामरिक महत्व को दर्शाती है। राज्य भारत के कुल खनिज उत्पादन मूल्य का लगभग 23% हिस्सा है। जस्ता-सीसा (हिंदुस्तान जिंक, जावर खदानें), संगमरमर (मकराना, किशनगढ़), बलुआ पत्थर (धौलपुर, भरतपुर), और रॉक फॉस्फेट (झामर कोटड़ा — एशिया की सबसे बड़ी रॉक फॉस्फेट खदान) यहाँ की प्रमुख खनिज संपदाएँ हैं। MMDR संशोधन अधिनियमों के तहत डिजिटल खनन नीलामी और खदान संचालन के नियमों को लागू किया गया है।
SMRI की 'श्रेणी A' में राजस्थान अग्रणी — जस्ता, संगमरमर और बलुआ पत्थर में उसकी बढ़त को मान्यता
SMRI 2025 की 'श्रेणी A' (संसाधन-समृद्ध राज्य) में राजस्थान की शीर्ष रैंकिंग भारत के खनिज क्षेत्र में उसके सामरिक महत्व को दर्शाती है। भारत के कुल खनिज उत्पादन मूल्य में राज्य की हिस्सेदारी लगभग 23% है। जस्ता-सीसा (हिंदुस्तान जिंक, जावर खदानें), संगमरमर (मकराना, किशनगढ़), बलुआ पत्थर (धौलपुर, भरतपुर), और रॉक फॉस्फेट (झामर कोटड़ा, एशिया की सबसे बड़ी रॉक फॉस्फेट खदान) यहाँ की प्रमुख खनिज संपदाएँ हैं। MMDR संशोधन अधिनियमों के तहत डिजिटल खनन नीलामी और खदान संचालन के नियमों को लागू किया गया है।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान SMRI 2025 की 'श्रेणी A' में शीर्ष पर रहा जो भारत के खनिज क्षेत्र में उसकी सामरिक भूमिका दर्शाता है।
- राज्य में जस्ता-सीसा (हिंदुस्तान जिंक, जावर) और संगमरमर (मकराना, किशनगढ़) के प्रमुख भंडार हैं।
- राजस्थान का झामर कोटड़ा एशिया की सबसे बड़ी रॉक फॉस्फेट खदान है।
- डिजिटल खनन नीलामी और खदानों को शीघ्र चालू करने से जुड़े नियम लागू किए गए हैं।
- यह मान्यता राजस्थान की 2025 औद्योगिक नीति के तहत खनन क्षेत्र में और निवेश आकर्षित करेगी।
- राजस्थान जस्ता, सीसा, संगमरमर और बलुआ पत्थर का भारत का सबसे बड़ा उत्पादक है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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राजस्थान का कौन-सा स्थान रॉक फॉस्फेट खनन के लिए जाना जाता है और SMRI 2025 की श्रेणी A में राज्य की खनिज क्षमता से जुड़ा है?
उदयपुर जिले का झामरकोटड़ा रॉक फॉस्फेट खनन का प्रमुख क्षेत्र है और राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड यहां खनन करती है। खान मंत्रालय के SMRI 2025 में राजस्थान श्रेणी A के शीर्ष तीन खनिज-समृद्ध राज्यों में शामिल था, इसलिए दिए गए विकल्पों में सही स्थान झामरकोटड़ा है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SMRI (राज्य खनन तत्परता सूचकांक) क्या है और 'श्रेणी A' में राजस्थान की शीर्ष रैंकिंग का क्या महत्व है?
SMRI एक ऐसा ढांचा है जो राज्यों की खनन प्रशासन, बुनियादी ढांचे और नीतिगत तैयारी का मूल्यांकन करता है। SMRI 2025 की 'श्रेणी A' (संसाधन-समृद्ध राज्य) में राजस्थान की शीर्ष रैंकिंग भारत के खनिज क्षेत्र में उसके सामरिक महत्व को दर्शाती है — राज्य भारत के कुल खनिज उत्पादन मूल्य में लगभग 23% योगदान करता है।
राजस्थान किन प्रमुख खनिजों का भारत में सबसे बड़ा उत्पादक है?
राजस्थान जस्ता, सीसा, संगमरमर और बलुआ पत्थर का भारत का सबसे बड़ा उत्पादक है। जस्ता-सीसा के लिए हिंदुस्तान जिंक की जावर खदानें, संगमरमर के लिए मकराना और किशनगढ़, तथा बलुआ पत्थर के लिए धौलपुर और भरतपुर प्रमुख हैं।
झामर कोटड़ा खदान क्यों खास है?
राजस्थान का झामर कोटड़ा एशिया की सबसे बड़ी रॉक फॉस्फेट खदान है। रॉक फॉस्फेट उर्वरक निर्माण में उपयोग होने वाला एक अहम खनिज है, इसलिए यह खदान भारत के कृषि क्षेत्र के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
राजस्थान ने खनन क्षेत्र में कौन से नीतिगत सुधार लागू किए हैं?
MMDR संशोधन अधिनियमों के तहत राजस्थान ने डिजिटल खनन नीलामी और खदानों को शीघ्र चालू कराने से जुड़े नियम लागू किए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य खनन ब्लॉकों के आवंटन और संचालन को सरल बनाकर निवेश आकर्षित करना है।
SMRI 2025 रैंकिंग से राजस्थान की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?
यह मान्यता राजस्थान की 2025 औद्योगिक नीति के तहत और अधिक खनन निवेश आकर्षित करेगी। संसाधन-समृद्ध राज्यों में 'श्रेणी A' में नेतृत्व निवेशकों को यह संदेश देता है कि राजस्थान एक स्थिर, सुधारोन्मुखी खनन माहौल प्रदान करता है।
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