भारतीय मानक ब्यूरो ने 2 मार्च 2026 से छठे चरण में सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग को 380 जिलों तक बढ़ा दिया। सात नए जिले जोड़े गए: रूपनगर (पंजाब), बांदा (उत्तर प्रदेश), बीड (महाराष्ट्र), गोमती (त्रिपुरा), कटिहार (बिहार), ब्यावर (राजस्थान) और नीमच (मध्य प्रदेश)। जुलाई 2021 से 60 करोड़ से अधिक स्वर्ण वस्तुओं को एचयूआईडी संख्या के साथ हॉलमार्क किया गया है। भारत के लगभग 800 जिलों में से लगभग आधे अब इस व्यवस्था के दायरे में हैं।
छठे चरण के विस्तार के बाद 380 जिलों में सोने की हॉलमार्किंग अनिवार्य; राजस्थान का ब्यावर जोड़ा गया
BIS ने चरण VI में अनिवार्य सोने की हॉलमार्किंग 380 जिलों तक विस्तारित की; ब्यावर (राजस्थान) 7 नए जिलों में शामिल।
मुख्य तथ्य
- भारतीय मानक ब्यूरो ने 2 मार्च 2026 से चरण छह के तहत अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग को 380 जिलों तक बढ़ा दिया।
- सात नए जिले जोड़े गए: रूपनगर (पंजाब), बांदा (उत्तर प्रदेश), बीड (महाराष्ट्र), गोमती (त्रिपुरा), कटिहार (बिहार), ब्यावर (राजस्थान) और नीमच (मध्य प्रदेश)।
- जुलाई 2021 से एचयूआईडी नंबरों के साथ 60 करोड़ से अधिक सोने की वस्तुओं पर हॉलमार्क लगाया गया।
- भारत के लगभग 800 जिलों में से लगभग आधे अब अनिवार्य हॉलमार्किंग के अंतर्गत हैं।
- जून 2021 में चरण एक से 256 जिलों के साथ अनिवार्य हॉलमार्किंग शुरू हुई।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: ब्यावर को शामिल करते हुए 2 मार्च 2026 से बीआईएस चरण छह में अनिवार्य सोना हॉलमार्किंग के विस्तार का उपभोक्ता-संरक्षण की दृष्टि से महत्व आकलित कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
बीआईएस ने 2 मार्च 2026 से चरण छह के तहत अनिवार्य सोना हॉलमार्किंग 380 जिलों तक बढ़ाई; राजस्थान के ब्यावर, रूपनगर, बांदा, बीड, गोमती, कटिहार एवं नीमच सहित सात जिले जोड़े गए। जुलाई 2021 से 60 करोड़ से अधिक वस्तुओं को हॉलमार्क विशिष्ट पहचान मिली, जिससे भारत के 800 जिलों में से लगभग आधे शामिल हुए।
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चरण VI की घोषणा के अनुसार जुलाई 2021 से एचयूआईडी के साथ कितनी स्वर्ण वस्तुओं की हॉलमार्किंग की गई है?
1 जुलाई 2021 एवं 5 मार्च 2026 के बीच 60 करोड़ से अधिक स्वर्ण वस्तुओं को एक विशिष्ट हॉलमार्क पहचान (एचयूआईडी) संख्या के साथ हॉलमार्क किया गया है। चरण VI में रूपनगर, बांदा, बीड़, गोमती, कटिहार, ब्यावर, एवं नीमच जिलों को शामिल किया गया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
छठे चरण के बाद भारत में अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग कितने जिलों में लागू है?
2 मार्च 2026 से छठे चरण के बाद अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग 380 जिलों में लागू है। सात नए जिले जोड़े गए: रूपनगर, बांदा, बीड, गोमती, कटिहार, ब्यावर और नीमच।
स्वर्ण हॉलमार्किंग के छठे चरण में कौन से 7 नए जिले जोड़े गए?
छठे चरण में रूपनगर (पंजाब), बांदा (उत्तर प्रदेश), बीड (महाराष्ट्र), गोमती (त्रिपुरा), कटिहार (बिहार), ब्यावर (राजस्थान) और नीमच (मध्य प्रदेश) जोड़े गए।
एचयूआईडी क्या है?
एचयूआईडी वह अद्वितीय संख्या है जो प्रत्येक हॉलमार्क किए गए स्वर्ण आभूषण को दी जाती है। 1 जुलाई 2021 से 5 मार्च 2026 तक 60 करोड़ से अधिक स्वर्ण वस्तुओं पर एचयूआईडी के साथ हॉलमार्किंग हुई।
भारत में अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग कब शुरू हुई?
अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग 23 जून 2021 को 256 जिलों से शुरू हुई। 2 मार्च 2026 तक छठे चरण में यह 380 जिलों तक पहुंच गई।
भारतीय मानक ब्यूरो का स्वर्ण हॉलमार्किंग में क्या कार्य है?
भारतीय मानक ब्यूरो अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग लागू करता है, एचयूआईडी प्रणाली से शुद्धता की जांच आसान बनाता है और उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करता है।
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