NHRC ने SMS अस्पताल जयपुर ICU अग्निकांड का स्वतः संज्ञान लिया; राजस्थान सरकार ने अग्नि सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए
Aसीधा उत्तर
जयपुर SMS अस्पताल के न्यूरो ICU में आग (5-6 अक्टूबर 2025) से 8 मरीजों की मृत्यु हुई। NHRC ने 14 अक्टूबर को स्वतः संज्ञान लिया, CM भजनलाल ने जांच के आदेश दिए और राज्य ने सरकारी अस्पतालों के लिए अग्नि सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए।
मुख्य तथ्य
5-6 अक्टूबर 2025 को SMS अस्पताल जयपुर के न्यूरो ICU में आग लगने से वेंटीलेटर पर रह रहे 8 मरीजों की मृत्यु हुई।
NHRC ने 14 अक्टूबर 2025 को इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया।
CM भजनलाल शर्मा ने स्थल का दौरा कर जाँच के आदेश दिए।
राज्य सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों के लिए अग्नि सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए।
SMS अस्पताल जयपुर राजस्थान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है।
घटना ने स्वचालित स्प्रिंकलर प्रणाली के अभाव सहित अग्नि सुरक्षा की कमियों को रेखांकित किया।
5-6 अक्टूबर 2025 की रात राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल — जयपुर के सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो ICU में भीषण आग लगी। शॉर्ट सर्किट से भड़की इस आग में कम से कम आठ मरीजों की मृत्यु हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। अधिकांश पीड़ित उस समय बेहोश थे; ICU और सेमी-ICU में 18 मरीज भर्ती थे। चिंताजनक बात यह रही कि घटना के दौरान न तो कोई फायर अलार्म बजा और न ही स्प्रिंकलर सक्रिय हुए।
इसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने 14 अक्टूबर 2025 को स्वतः संज्ञान लेते हुए राजस्थान के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चिकित्सा विभाग के आयुक्त इकबाल खान की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई। राजस्थान सरकार ने ICU पुनर्विकास के लिए 1.5 करोड़ रुपये आवंटित किए और सभी सरकारी अस्पतालों के लिए व्यापक अग्नि सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए। इस घटना ने प्रणालीगत विफलताओं को रेखांकित किया — इसी अस्पताल में छह साल पहले भी इसी प्रकार की आग लगी थी और एक दशक से अधिक समय से कोई मॉक फायर ड्रिल नहीं की गई थी।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2024 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य की नियुक्ति, त्यागपत्र और हटाए जाने के क्या प्रावधान हैं? — एसएचआरसी सदस्यता पर यह पीवाईक्यू एनएचआरसी द्वारा संचालित एसएमएस अस्पताल आईसीयू अग्नि की मानवाधिकार संस्थागत प्रतिक्रिया से सीधे जुड़ता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: अक्टूबर 2025 की एसएमएस अस्पताल जयपुर आईसीयू अग्निकांड से उजागर प्रणालीगत खामियों तथा एनएचआरसी के स्वतः संज्ञान सहित संस्थागत प्रतिक्रिया पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
5-6 अक्टूबर 2025 की रात एसएमएस अस्पताल जयपुर के न्यूरो आईसीयू में आग से आठ मरीज मारे गए, तीन गम्भीर घायल हुए। एनएचआरसी ने 14 अक्टूबर 2025 को स्वतः संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इक़बाल ख़ान की अध्यक्षता में जाँच के आदेश दिए; राजस्थान ने 1.5 करोड़ रुपये आवंटित किए और अग्नि-सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए।
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किस राष्ट्रीय निकाय ने 14 अक्टूबर 2025 को एसएमएस अस्पताल जयपुर आईसीयू अग्निकांड का स्वतः संज्ञान लिया?
व्याख्या · सही उत्तर B
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 14 अक्टूबर 2025 को एसएमएस अस्पताल जयपुर अग्निकांड का स्वतः संज्ञान लिया और मुख्य सचिव तथा डीजीपी राजस्थान को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट माँगी।
5-6 अक्टूबर 2025 को SMS अस्पताल जयपुर के न्यूरो ICU में आग लग गई, जिससे वेंटीलेटर पर रह रहे 8 मरीजों की मृत्यु हो गई। इस घटना ने राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में अग्नि सुरक्षा की गंभीर कमियों को सामने ला दिया।
SMS अस्पताल अग्निकांड पर NHRC ने क्या कार्रवाई की?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने 14 अक्टूबर 2025 को SMS अस्पताल अग्निकांड का स्वतः संज्ञान लिया। इसका मतलब है कि NHRC ने बिना किसी औपचारिक शिकायत के स्वयं कार्यवाही शुरू की।
'स्वतः संज्ञान' क्या होता है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
स्वतः संज्ञान का मतलब है कि कोई न्यायालय या आयोग बिना किसी औपचारिक याचिका के स्वयं किसी मामले को उठाता है। यह NHRC की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है, खासकर जब राज्य की लापरवाही से मानवाधिकारों का हनन हो।
SMS अस्पताल अग्निकांड के बाद सरकार ने क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्थल का दौरा किया और जांच के आदेश दिए। इसके बाद राजस्थान सरकार ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी सरकारी अस्पतालों के लिए अग्नि सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए।
SMS अस्पताल की घटना से अग्नि सुरक्षा की कौन-सी कमियाँ सामने आईं?
SMS अस्पताल अग्निकांड ने अग्नि सुरक्षा की कई कमियां उजागर कीं, जैसे स्वचालित स्प्रिंकलर प्रणाली का न होना। SMS अस्पताल राजस्थान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, और इस घटना के बाद सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा की व्यापक समीक्षा शुरू हुई।
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