NITI आयोग ने राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक (FHI) 2026 का दूसरा संस्करण जारी किया, जो वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारतीय राज्यों के राजकोषीय प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है। सूचकांक CAG के लेखापरीक्षित डेटा के आधार पर पांच स्तंभों पर राज्यों को अंक देता है: व्यय की गुणवत्ता, राजस्व संग्रहण, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक और ऋण स्थिरता। ओडिशा लगातार दूसरी बार 73.1 अंक के साथ प्रमुख राज्यों में शीर्ष पर रहा, इसके बाद गोवा (54.7) और झारखंड (50.5) रहे। अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर और पर्वतीय राज्यों की श्रेणी में अग्रणी रहा। 2026 संस्करण में 18 प्रमुख राज्यों के साथ-साथ 10 पूर्वोत्तर और पर्वतीय राज्यों को भी शामिल किया गया। राजस्थान का प्रदर्शन मिश्रित रहा — समग्र रैंकिंग में नीचे के छह राज्यों में होने के बावजूद व्यय गुणवत्ता स्तंभ में प्रदर्शनकर्ता से अग्रणी श्रेणी में आया। FHI रिपोर्ट राज्यों के लिए CAG द्वारा समय पर लेखापरीक्षण, देनदारियों का बेहतर प्रकटीकरण और बहु-वर्षीय राजकोषीय ढाँचा अपनाने की सिफारिश करती है। RAS की दृष्टि से यह राजकोषीय संघवाद, राज्य वित्त प्रबंधन और CAG की संवैधानिक भूमिका (अनुच्छेद 148) के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
NITI आयोग राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026: ओडिशा शीर्ष पर; व्यय की गुणवत्ता में राजस्थान का सुधार
NITI आयोग FHI 2026: ओडिशा शीर्ष पर; राजस्थान समग्र रैंकिंग में निचले छह राज्यों में, लेकिन खर्च की गुणवत्ता में अग्रणी। रैंकिंग CAG के लेखापरीक्षित डेटा पर आधारित है।
मुख्य तथ्य
- NITI आयोग ने राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 (दूसरा संस्करण) वित्त वर्ष 2023-24 के लिए जारी किया
- 5 स्तंभ: व्यय गुणवत्ता, राजस्व संग्रहण, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक, ऋण स्थिरता
- ओडिशा प्रथम (73.1); गोवा द्वितीय (54.7); झारखंड तृतीय (50.5) — प्रमुख राज्यों में
- अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर और पर्वतीय राज्यों में शीर्ष पर
- राजस्थान: समग्र रैंकिंग में निचले 6 में, लेकिन व्यय गुणवत्ता में सुधार कर फ्रंट रनर श्रेणी में पहुँचा
- CAG द्वारा लेखापरीक्षित डेटा पर आधारित; यह नीति-निर्माताओं को राजकोषीय शासन मजबूत करने में मदद करता है
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: नीति आयोग राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 राज्यों का मूल्यांकन कैसे करता है, और राजस्थान की रैंकिंग क्या दर्शाती है?
उत्तर (50 शब्द):
यह सूचकांक नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के लेखापरीक्षित आंकड़ों पर पांच स्तंभों — व्यय गुणवत्ता, राजस्व संग्रहण, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक, ऋण संधारणीयता — से राज्यों का आकलन करता है। ओडिशा 73.1 अंकों सहित शीर्ष रहा। राजस्थान व्यय गुणवत्ता में सुधरा किंतु समग्र रूप से निचले छह में बना रहा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NITI आयोग राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 क्या है?
यह CAG द्वारा लेखापरीक्षित डेटा के आधार पर FY 2023-24 में राज्यों के राजकोषीय प्रदर्शन की रैंकिंग है, जो पांच स्तंभों पर आधारित है।
FHI 2026 में कौन सा राज्य शीर्ष पर रहा?
ओडिशा लगातार दूसरी बार 73.1 अंक के साथ प्रमुख राज्यों में शीर्ष पर रहा।
राजस्थान का प्रदर्शन कैसा रहा?
राजस्थान समग्र रैंकिंग में निचले छह राज्यों में रहा, लेकिन व्यय गुणवत्ता स्तंभ में वह परफॉर्मर से फ्रंट रनर श्रेणी में पहुंचा।
FHI के पांच स्तंभ क्या हैं?
व्यय गुणवत्ता, राजस्व संग्रहण, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक और ऋण स्थिरता।
FHI RAS के लिए प्रासंगिक क्यों है?
इसमें राजकोषीय संघवाद, अनुच्छेद 148 के तहत CAG की संवैधानिक भूमिका, राज्य वित्त प्रबंधन और राजस्थान की राजकोषीय चुनौतियाँ शामिल हैं।
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