प्रकाशित: 10 मार्च 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
नीति आयोग ने राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 जारी किया
नीति आयोग ने 11 मार्च 2026 को दूसरा वार्षिक राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक (FHI) जारी किया। CEO निधि छिब्बर ने यह रिपोर्ट जारी की, जिसमें वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 28 राज्यों — 18 प्रमुख राज्य और 10 विशेष श्रेणी राज्य (पूर्वोत्तर एवं हिमालयी) — के राजकोषीय स्वास्थ्य का मूल्यांकन किया गया है।
FHI पाँच प्रमुख स्तंभों पर राज्यों का आकलन करता है: (1) राजस्व जुटाव — राज्य की स्वयं का कर और गैर-कर राजस्व जुटाने की क्षमता; (2) राजकोषीय विवेक — राजकोषीय घाटे और व्यय प्रबंधन की जाँच; (3) ऋण सूचकांक — GSDP के सापेक्ष कुल ऋण भार; (4) ऋण स्थिरता — ऋण की दिशा और प्रबंधनीयता; तथा (5) व्यय की गुणवत्ता — सरकारी व्यय की संरचना और उत्पादकता।
प्रमुख राज्यों में ओडिशा शीर्ष पर रहा, जो मजबूत राजस्व प्रबंधन और कम राजकोषीय घाटे को दर्शाता है। इसके विपरीत, पंजाब, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल को उच्च ऋण स्तर और अस्थिर व्यय के कारण गंभीर राजकोषीय तनाव में बताया गया। पूर्वोत्तर एवं हिमालयी विशेष श्रेणी राज्यों में अरुणाचल प्रदेश शीर्ष पर रहा।
यह सूचकांक राज्यों को राजकोषीय अनुशासन अपनाने, वित्तीय शासन सुधारने और तुलनात्मक बेंचमार्किंग करने के लिए प्रेरित करता है। यह सहकारी राजकोषीय संघवाद और टिकाऊ राज्य वित्त की दिशा में भारत के व्यापक प्रयास को रेखांकित करता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: नीति आयोग राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक 2026 के ढांचे तथा राज्य-स्तरीय राजकोषीय प्रदर्शन पर उसके निष्कर्षों का सहकारी राजकोषीय संघवाद के निहितार्थों सहित मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
नीति आयोग ने 11 मार्च 2026 को दूसरा राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक जारी किया, जो वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 28 राज्यों को पांच स्तंभों—राजस्व जुटाव, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक, ऋण स्थिरता, व्यय गुणवत्ता—पर आंकता है। ओडिशा प्रमुख राज्यों में शीर्ष; पंजाब, आंध्र, पश्चिम बंगाल, केरल दबावग्रस्त; अरुणाचल पूर्वोत्तर-हिमालयी राज्यों में अग्रणी।
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नीति आयोग का राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक राज्यों का पाँच स्तंभों पर मूल्यांकन करता है। निम्नलिखित में से कौन-सा उनमें से एक नहीं है?
व्याख्या · सही उत्तर Dनीति आयोग FHI के पाँच स्तंभ हैं: (1) राजस्व जुटाव, (2) राजकोषीय विवेक, (3) ऋण सूचकांक, (4) ऋण स्थिरता, (5) व्यय की गुणवत्ता। विदेशी मुद्रा भंडार इसका स्तंभ नहीं है — यह केंद्र सरकार का मापदंड है, राज्य राजकोषीय पैरामीटर नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीति आयोग का राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक क्या है?
**राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक (FHI)** नीति आयोग द्वारा जारी वार्षिक सूचकांक है, जो भारतीय राज्यों के राजकोषीय स्वास्थ्य का मूल्यांकन करता है। दूसरे संस्करण (2026) में **28 राज्यों** (18 प्रमुख + 10 विशेष श्रेणी) का **वित्त वर्ष 2023-24** के लिए पाँच स्तंभों पर आकलन किया गया।
FHI 2026 में प्रमुख राज्यों में कौन शीर्ष पर रहा?
**ओडिशा** FHI 2026 में प्रमुख राज्यों में शीर्ष पर रहा। इसके विपरीत **पंजाब, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल** को गंभीर राजकोषीय तनाव में बताया गया।
राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक के पाँच स्तंभ कौन से हैं?
पाँच स्तंभ हैं: (1) **राजस्व जुटाव** — स्वयं का कर/गैर-कर राजस्व; (2) **राजकोषीय विवेक** — राजकोषीय घाटा प्रबंधन; (3) **ऋण सूचकांक** — GSDP के सापेक्ष कुल ऋण; (4) **ऋण स्थिरता** — ऋण की दिशा; (5) **व्यय की गुणवत्ता** — व्यय की संरचना और उत्पादकता।
FHI 2026 में पूर्वोत्तर/हिमालयी श्रेणी में कौन शीर्ष पर रहा?
**अरुणाचल प्रदेश** पूर्वोत्तर एवं हिमालयी विशेष श्रेणी राज्यों में FHI 2026 में शीर्ष पर रहा।
FHI 2026 किसने जारी किया?
**नीति आयोग की CEO निधि छिब्बर** ने **11 मार्च 2026** को दूसरा वार्षिक राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक जारी किया।