केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने 25 दिसंबर 2025 — सुशासन दिवस — को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुशासन अभ्यास कार्यशाला 2025 में पाँच बड़े डिजिटल शासन सुधार शुरू किए। यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को संस्थागत रूप देने के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने इन सुधारों की शुरुआत की। पहला, पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण दिशानिर्देशों का संकलन बिखरे हुए निर्देशों को एक आधिकारिक संदर्भ में लाता है, ताकि सभी मंत्रालयों में पूर्व सैनिकों से जुड़े लाभों का समान रूप से कार्यान्वयन हो। दूसरा, RRFAMS प्रणाली से जुड़ा एआई-संचालित भर्ती नियम जनरेटर टूल मंत्रालयों को भर्ती नियम अधिक कुशलता से तैयार करने में मदद करेगा और डीओपीटी दिशानिर्देशों के सख्त पालन को सुनिश्चित करेगा। तीसरा, ई-एचआरएमएस 2.0 मोबाइल एप्लिकेशन — एंड्रॉइड एवं आईओएस पर उपलब्ध — सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति, स्थानांतरण, प्रतिनियुक्ति, प्रशिक्षण और सेवानिवृत्ति जैसी प्रमुख मानव संसाधन सेवाओं तक सुगम पहुँच देता है। मिशन कर्मयोगी के तहत विकसित यह प्लेटफ़ॉर्म SPARROW, PFMS और भविष्य जैसी मौजूदा सेवा प्रणालियों से जुड़ा है। चौथा, आईगॉट कर्मयोगी प्लेटफ़ॉर्म में एआई-सक्षम सुविधाएँ जोड़ी गईं: अधिगम संसाधनों की बेहतर खोज के लिए आईगॉट एआई सारथी, व्यक्तिगत अधिगम सहायता के लिए आईगॉट एआई ट्यूटर, संरचित विशेषज्ञता कार्यक्रम, और भूमिकाओं को प्रशिक्षण आवश्यकताओं से जोड़ने वाला एआई-आधारित क्षमता निर्माण योजना उपकरण। पाँचवाँ, कर्मयोगी डिजिटल लर्निंग लैब 2.0 नई पीढ़ी की सामग्री सुविधा है, जिसमें सिविल सेवाओं के लिए उच्च-गुणवत्ता वाली अधिगम सामग्री तैयार करने के लिए संवर्धित वास्तविकता, आभासी वास्तविकता, गेमीफिकेशन और इंटरैक्टिव सिमुलेशन का उपयोग किया जाता है। कुल मिलाकर, ये पहलें भारत के सार्वजनिक प्रशासन के डिजिटल आधार को मजबूत करती हैं।