भारत में हर वर्ष 2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है। यह दिन 2-3 दिसंबर 1984 की भोपाल गैस त्रासदी — विश्व की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदा — में जान गँवाने वाले हजारों पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए है। 2025 में 41वीं वर्षगांठ 'सतत जीवन शैली, हरित भविष्य के लिए' विषय पर मनाई गई। भोपाल आपदा में यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (UCIL) के कीटनाशक संयंत्र से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस का रिसाव हुआ था, जिससे आधिकारिक तौर पर 3,787 लोगों की मौत हुई (कुछ अनुमानों के अनुसार 15,000 से अधिक मौतें और 5 लाख से अधिक प्रभावित)। इस आपदा के बाद भारत में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 बना और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को मजबूत किया गया। जनवरी 2025 में, आपदा के 40 साल बाद, भारत ने भोपाल संयंत्र स्थल से जहरीले कचरे के अंतिम अवशेषों को साफ किया — पर्यावरणीय सफाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि।