नीति आयोग ने 22 जनवरी 2026 को रिपोर्ट जारी कर चेतावनी दी कि भारत में जीवनकाल पूरा कर चुके वाहनों (ELV) की संख्या 2030 तक दोगुनी होकर 5 करोड़ हो सकती है। इस समय आवश्यक 500 स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्रों (ATS) में से केवल 156 चालू हैं। जीवनकाल पूरा कर चुके वाहनों के प्रबंधन में अनौपचारिक क्षेत्र का दबदबा है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में औपचारिक केंद्रों ने केवल 72,000 वाहन संभाले।

मुख्य सुझावों में ATS के बुनियादी ढांचे का तेज़ी से विस्तार, पुनर्चक्रण क्षेत्र का औपचारिकीकरण, स्क्रैपेज प्रमाणपत्रों की डिजिटल निगरानी, पुराने वाहन स्क्रैप कराने वाले वाहन मालिकों को कर प्रोत्साहन और नए वाहनों के उत्पादन में पुनर्चक्रित सामग्री का अनिवार्य उपयोग शामिल हैं। रिपोर्ट 2021 में शुरू की गई वाहन स्क्रैपेज नीति के अनुरूप है और वाहन क्षेत्र में चक्रीय अर्थव्यवस्था पर ज़ोर देती है।