फरवरी 2026 की शुरुआत में भारत औपचारिक रूप से संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) के सहयोग से चलने वाले ब्रिक्स औद्योगिक दक्षता केंद्र (BCIC) में शामिल हुआ। इस अवसर पर UNIDO ने नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के साथ परियोजना दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन सांविधिक निकाय राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) को भारत का BCIC केंद्र नामित किया गया है। NPC क्षमता निर्माण से जुड़ी पहलों का नेतृत्व करेगी, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में मदद करेगी और UNIDO के तकनीकी सहयोग से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME इकाइयों) की उत्पादकता में मौजूद अंतर कम करने में सहायता करेगी।

BCIC ब्रिक्स देशों की विनिर्माण कंपनियों और MSME इकाइयों को एक ही जगह पर सहायता सेवाएँ देता है। इसका उद्देश्य उद्योग 4.0 की क्षमताओं को मज़बूत करना है, जिनमें स्वचालन, AI आधारित गुणवत्ता नियंत्रण, स्मार्ट विनिर्माण और टिकाऊ औद्योगिक प्रक्रियाएँ शामिल हैं। भारत की भागीदारी उसकी 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता से जुड़ी है, जिसका विषय ‘मज़बूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊपन का आधार तैयार करना’ है। यह पहल मेक इन इंडिया 2.0 और उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजना (PLI) के अनुरूप है। राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन ने 2035 तक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में विनिर्माण की हिस्सेदारी 25% करने का लक्ष्य रखा है। राजस्थान में MSME इकाइयाँ अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, खास तौर पर वस्त्र, रत्न एवं आभूषण और हस्तशिल्प क्षेत्रों में। इसलिए BCIC की सदस्यता से उन्हें तकनीक उन्नत करने और दुनिया भर में अपनाए जा रहे बेहतर औद्योगिक तौर-तरीकों को जानने व अपनाने के अवसर मिल सकते हैं।