विश्व व्यापार संगठन (WTO) का 14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) 30 मार्च 2026 को याउंडे, कैमरून में पाँच दिनों की गहन वार्ता के बाद संपन्न हुआ। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और कहा कि भारत का रुख "न केवल सुना गया, बल्कि मंत्रिस्तरीय निर्णयों में भी परिलक्षित हुआ।"

MC14 में भारत ने कई प्रमुख मुद्दों पर अपना रुख रखा। WTO सुधार पर भारत ने जोर दिया कि संस्थागत सुधार पारदर्शी, समावेशी और सदस्य देशों द्वारा संचालित होने चाहिए तथा सर्वसम्मति आधारित निर्णय-प्रक्रिया के मूल सिद्धांत की रक्षा होनी चाहिए। गोयल ने दोहराया कि किसी भी सदस्य देश को बिना सहमति के नियम स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।

दूसरा, भारत ने विकास के लिए निवेश सुविधा (IFD) समझौते को WTO के परिशिष्ट 4 के रूप में शामिल करने का विरोध किया। भारत का तर्क था कि निवेश नियम WTO के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।

तीसरा, कृषि पर भारत ने खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक भंडारण के "स्थायी समाधान" की जरूरत पर जोर दिया। भारत ने स्पष्ट किया कि विकासशील देशों की खाद्य सुरक्षा को व्यापार उदारीकरण की बलिवेदी पर नहीं चढ़ाया जा सकता।

चौथा, डिजिटल व्यापार पर भारत ने डिजिटल विभाजन को कम करने और डिजिटल बुनियादी ढाँचे के विकास का समर्थन किया। सम्मेलन में मत्स्य पालन सब्सिडी के कार्यान्वयन, ई-कॉमर्स मोरेटोरियम की अवधि बढ़ाने और विवाद निपटान तंत्र के सुधार पर भी चर्चा हुई।