भारतीय व्यापारिक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं, क्योंकि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई बढ़ रही है। इससे भारत के लिए ऊर्जा और व्यापार सुरक्षा से जुड़ा गंभीर संकट खड़ा हो गया है। अमेरिका द्वारा अप्रैल 2026 के बाद प्रतिबंध छूट नहीं बढ़ाने के बाद भारत ने ईरान में चाबहार पोर्ट परियोजना के लिए धनराशि घटा दी है। विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक होने के कारण भारत ऊर्जा लागत और आपूर्ति दबाव का सामना कर रहा है। भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता करते हुए पश्चिमी शक्तियों और ग्लोबल साउथ के साथ संबंधों को सावधानी से संतुलित कर रहा है।