नीति आयोग ने सम्पूर्णता अभियान 2.0 शुरू किया: 112 आकांक्षी जिलों के लिए 100% संतृप्ति अभियान
Aसीधा उत्तर
नीति आयोग का सम्पूर्णता अभियान 2.0: 112 आकांक्षी जिलों और 513 ब्लॉकों के लिए 3 माह में 100% संतृप्ति का अभियान।
मुख्य तथ्य
नीति आयोग ने 28 जनवरी 2026 को सम्पूर्णता अभियान 2.0 शुरू किया। यह तीन माह का अभियान 14 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
इसका लक्ष्य 112 आकांक्षी जिलों में 5 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों और 513 आकांक्षी ब्लॉकों में 6 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों की 100% संतृप्ति हासिल करना है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने अभियान का उद्घाटन किया।
अभियान स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, स्वच्छता और पशु कल्याण से जुड़े संकेतकों पर केंद्रित है।
यह 2024 में शुरू हुए पहले सम्पूर्णता अभियान की सफलता पर आधारित है; आकांक्षी जिला कार्यक्रम 2018 में शुरू हुआ था।
नीति आयोग ने 28 जनवरी 2026 को 'सम्पूर्णता अभियान 2.0' शुरू किया। यह तीन माह का अभियान 14 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इसका लक्ष्य देशभर के 112 आकांक्षी जिलों में 5 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों और 513 आकांक्षी ब्लॉकों में 6 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों की 100% संतृप्ति हासिल करना है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने अभियान का उद्घाटन किया।
अभियान स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, स्वच्छता और पशु कल्याण से जुड़े संकेतकों पर केंद्रित है। जिले और ब्लॉक कार्य योजनाएँ बनाएँगे, हर महीने प्रगति की निगरानी करेंगे और जागरूकता अभियान चलाएँगे। यह पहल 2024 में शुरू हुए पहले सम्पूर्णता अभियान की सफलता पर आधारित है। वर्ष 2018 में शुरू हुआ आकांक्षी जिला कार्यक्रम कम विकसित जिलों में शासन के नतीजे बेहतर करने पर केंद्रित है।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: आकांक्षी जिला कार्यक्रम के संदर्भ में सम्पूर्णता अभियान 2.0 के उद्देश्यों एवं स्वरूप पर चर्चा करें।
उत्तर (50 शब्द):
नीति आयोग ने 28 जनवरी 2026 को सम्पूर्णता अभियान 2.0 शुरू किया, जो 14 अप्रैल 2026 तक चलने वाला तीन माह का अभियान है। इसका लक्ष्य 112 आकांक्षी जिलों में 5 मुख्य प्रदर्शन संकेतकों तथा 513 आकांक्षी ब्लॉकों में 6 संकेतकों की 100% संतृप्ति है। स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, स्वच्छता एवं पशु-कल्याण संकेतक शामिल हैं।
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नीति आयोग द्वारा शुरू किया गया सम्पूर्णता अभियान 2.0 क्या है?
**सम्पूर्णता अभियान 2.0** नीति आयोग द्वारा **112 आकांक्षी जिलों** में शुरू किया गया **100% संतृप्ति अभियान** है। ‘सम्पूर्णता’ संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ पूर्णता या पूरी तरह लाभ पहुँचाना है। **आकांक्षी जिला कार्यक्रम** के तहत चुने गए इन 112 सबसे कम विकसित जिलों में इसका लक्ष्य है कि **प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) का स्वास्थ्य बीमा, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन (JJM), प्रधानमंत्री किसान और उज्ज्वला रसोई गैस** का लाभ **हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचे**।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम क्या है और भारत के 112 आकांक्षी जिले कौन-से हैं?
प्रधानमंत्री मोदी ने **आकांक्षी जिला कार्यक्रम** **जनवरी 2018** में शुरू किया था। यह कार्यक्रम 28 राज्यों के **112 सबसे कम विकसित जिलों** में **स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेश, बुनियादी ढाँचे और कौशल** पर केंद्रित है। इन जिलों का चयन कम साक्षरता, ऊँची शिशु मृत्यु दर, कमज़ोर बुनियादी ढाँचे और कम प्रति व्यक्ति आय जैसे **सामाजिक-आर्थिक संकेतकों** से बने समग्र सूचकांकों के आधार पर हुआ था। जो जिले कभी देश में सबसे पिछड़े माने जाते थे, उन्होंने इस कार्यक्रम से कई प्रमुख मानकों पर **सबसे तेज़ सुधार** किया।
आकांक्षी जिलों में कल्याणकारी योजनाओं की 100% संतृप्ति का क्या महत्व है?
**100% संतृप्ति** का अर्थ है कि **112 आकांक्षी जिलों** के हर पात्र परिवार या व्यक्ति को वे सभी सरकारी लाभ मिलें जिनका वह हकदार है — **PMJAY स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर का आवंटन, JJM के तहत नल का जल, रसोई गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री किसान का वार्षिक भुगतान और आयुष्मान भारत**। पहले इन गरीब और आदिवासी जिलों में प्रशासनिक कमियों, जागरूकता की कमी और दस्तावेज़ संबंधी बाधाओं के कारण **योजनाओं का लाभ सबसे कम लोगों तक पहुँचता था**। सम्पूर्णता अभियान 2.0 में **15 से अधिक केंद्रीय मंत्रालय** मिलकर सभी योजनाओं का लाभ एक साथ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने पर काम करते हैं।
नीति आयोग ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत जिलों के प्रदर्शन की निगरानी और तुलना कैसे की है?
नीति आयोग का **आकांक्षी जिला कार्यक्रम** **डेल्टा रैंकिंग प्रणाली** अपनाता है। इसमें जिलों की रैंकिंग उनके कुल स्कोर से नहीं, बल्कि **सुधार की दर** से तय होती है, जिससे पिछड़े जिलों को तेज़ी से सुधार करने की प्रेरणा मिलती है। **आकांक्षी जिला कार्यक्रम का डैशबोर्ड** 5 विषयों के 49 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों को वास्तविक समय में ट्रैक करता है और **Aspirant India वेबसाइट** जिलेवार आँकड़े उपलब्ध कराती है। **प्रतिस्पर्धी संघवाद** के तहत राज्य अपने जिलों की रैंकिंग सुधारने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिससे राजनीतिक स्तर पर जवाबदेही का दबाव बनता है। इसी दृष्टिकोण से प्रेरित होकर 500 ब्लॉकों के लिए **आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम** 2023 में शुरू किया गया।
आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम क्या है और यह आकांक्षी जिला कार्यक्रम के मॉडल को कैसे आगे बढ़ाता है?
**आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम** जनवरी 2023 में शुरू किया गया। यह आकांक्षी जिला कार्यक्रम के मॉडल को देश के सबसे कम विकसित क्षेत्रों में **जिले से नीचे के 500 ब्लॉकों** तक ले जाता है। ब्लॉक, जिला और पंचायत के बीच की प्रशासनिक इकाई है। स्थानीय स्तर पर इसकी प्राथमिकताओं में रक्ताल्पता से प्रभावित महिलाओं और उम्र के अनुपात में कम लंबाई वाले बच्चों तक **स्वास्थ्य और पोषण** सेवाएँ पहुँचाना; सीखने के परिणाम सुधारने और बच्चों के पढ़ाई छोड़ने की समस्या से निपटने वाली **शिक्षा** संबंधी पहल; फसल विविधीकरण और सिंचाई के लिए **कृषि** सहायता; सड़क और संपर्क समेत **बुनियादी ढाँचा**; तथा **वित्तीय समावेश** शामिल हैं। यह आकांक्षी जिला कार्यक्रम की तरह **वास्तविक समय की प्रतिस्पर्धी रैंकिंग प्रणाली** अपनाता है और जिला कलेक्टरों तथा ब्लॉक अधिकारियों की जवाबदेही तय करता है।
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