जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने 1-15 नवंबर 2025 तक 'जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा' मनाया, जो जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती (जन्म 15 नवंबर 1875) के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ। जनजातीय समुदायों द्वारा 'भगवान' के रूप में पूजित बिरसा मुंडा ने 1899-1900 में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन और छोटा नागपुर क्षेत्र (वर्तमान झारखंड) की शोषणकारी जमींदारी व्यवस्था के विरुद्ध 'उलगुलान' (महान उथलपुथल) विद्रोह का नेतृत्व किया। उन्होंने 'अबुआ दिसुम, अबुआ राज' (हमारी भूमि, हमारा राज) के युद्धघोष से मुंडा जनजाति को भूमि अधिकारों के लिए लामबंद किया। 2021 से 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। राजस्थान में भील, मीणा (मीना) और गरासिया समुदायों की महत्वपूर्ण जनजातीय आबादी है, जिनका कल्याण राज्य नीति के केंद्र में है।