भारत सरकार की ‘वुमनिया’ पहल ने वित्त वर्ष 2025-26 में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पर 13.7 लाख ऑर्डरों के साथ 28,000 करोड़ रुपये का कुल ऑर्डर मूल्य पार कर लिया है, यह घोषणा अधिकारियों ने 11 अप्रैल 2026 को की। 14 जनवरी 2019 को शुरू की गई ‘वुमनिया’ पहल महिला उद्यमियों को सार्वजनिक खरीद तक सीधी पहुँच देती है और अब जीईएम पोर्टल पर 2.1 लाख से अधिक महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (एमएसई) और स्व-सहायता समूह पंजीकृत हैं। कुल जीईएम ऑर्डरों में महिला विक्रेताओं का हिस्सा 5.6 प्रतिशत है — जो एमएसएमई मंत्रालय द्वारा महिलाओं के स्वामित्व वाले व्यवसायों के लिए निर्धारित तीन प्रतिशत के अनिवार्य खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है। ऑर्डर मूल्य में वर्ष-दर-वर्ष 27.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह कार्यक्रम अब जीईएम के सबसे मजबूत समावेशी स्तंभों में से एक है। उत्पाद सूची में हथकरघा, हस्तशिल्प, जूट, कॉयर, गृह सज्जा, बांस, खादी, आयुर्वेद, वेलनेस और कार्यालय आपूर्ति शामिल हैं। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि ‘वुमनिया’ व्यापक स्व-सहायता समूह आंदोलन का पूरक है, जहाँ फरवरी 2026 तक 10.05 करोड़ महिलाओं को 90.09 लाख एसएचजी में संगठित किया जा चुका है, जिससे सामूहिक आर्थिक गतिविधि और वित्तीय समावेशन का दायरा बढ़ा है। अधिकारियों ने बताया कि जीईएम से खरीद प्रक्रिया डिजिटल होने के कारण बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई है, भुगतान चक्र छोटे हुए हैं और ग्रामीण महिला उद्यमियों का केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से सीधा संपर्क बना है। यह पहल विकसित भारत के अंतर्गत नारी शक्ति के व्यापक लक्ष्य और महिला स्वामित्व वाले एमएसई के लिए निर्धारित खरीद सीमा को पार करने के सरकार के प्रयास से जुड़ी है।