प्रकाशित: 16 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतपर्यावरण
भारत ने FY26 के 10 महीनों में रिकॉर्ड 52,537 MW बिजली क्षमता जोड़ी; पहली बार गैर-जीवाश्म स्रोत जीवाश्म ईंधन से आगे निकले
Aसीधा उत्तर
भारत ने FY26 के पहले 10 महीनों में रिकॉर्ड 52,537 MW बिजली क्षमता जोड़ी, जिसमें 75.5% हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों का रहा। गैर-जीवाश्म स्रोत (2,71,969 MW) पहली बार जीवाश्म ईंधन क्षमता (2,48,541 MW) से आगे निकले, कुल स्थापित क्षमता ~521 GW हुई।
भारत ने FY 2025–26 के पहले दस महीनों (अप्रैल 2025 से जनवरी 2026) में 52,537 MW की रिकॉर्ड बिजली क्षमता जोड़ी, जो FY2024–25 के 34,054 MW के पिछले वार्षिक रिकॉर्ड से 54% से अधिक है। 31 जनवरी 2026 तक भारत की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 5,20,510.95 MW (लगभग 521 GW) हो गई।
इस वृद्धि में नवीकरणीय ऊर्जा की सबसे बड़ी भूमिका रही, जिसका योगदान 39,657 MW — कुल वृद्धि का 75.5% — रहा। इसमें सौर ऊर्जा से 34,955 MW और पवन ऊर्जा से 4,613 MW क्षमता जुड़ी। एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोत (नवीकरणीय और परमाणु सहित) अब भारत की स्थापित क्षमता में 2,71,969 MW के साथ जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता (2,48,541 MW) से आगे निकल गए हैं।
बिजली मंत्रालय ने इस उपलब्धि को राष्ट्रीय विद्युत योजना के तहत मिशन मोड में किए गए कार्यान्वयन का परिणाम बताया। भारत की पीक बिजली कमी 0.03% के ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर पर है। यह राजस्थान के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, जो शीर्ष सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में से एक है और अपने विशाल रेगिस्तानी सौर गलियारों से भारत के नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के 2030 गैर-जीवाश्म लक्ष्य एवं राजस्थान के सौर नेतृत्व के लिहाज़ से वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 52,537 मेगावाट क्षमता वृद्धि के महत्व का परीक्षण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम दस माह में रिकॉर्ड 52,537 मेगावाट क्षमता जोड़ी, जिसमें 75.5% नवीकरणीय थी — सौर 34,955 मेगावाट, पवन 4,613 मेगावाट। गैर-जीवाश्म क्षमता 2,71,969 मेगावाट रही और पहली बार जीवाश्म ईंधन के 2,48,541 मेगावाट से आगे निकली; कुल स्थापित क्षमता 521 गीगावाट। पीक कमी 0.03%; राजस्थान का रेगिस्तानी सौर गलियारा ऊर्जा संक्रमण को गति देता है।
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जुड़ा प्रश्नआसान
भारत की 52,537 MW की रिकॉर्ड बिजली क्षमता वृद्धि मुख्य रूप से किस स्रोत से हुई?
व्याख्या · सही उत्तर Bभारत की रिकॉर्ड बिजली क्षमता वृद्धि मुख्य रूप से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत ने FY26 के पहले 10 महीनों में कितनी बिजली क्षमता जोड़ी और यह रिकॉर्ड क्यों है?
भारत ने FY26 के पहले 10 महीनों (अप्रैल 2025 से जनवरी 2026) में 52,537 MW बिजली क्षमता जोड़ी — यह किसी भी तुलनीय अवधि में देश के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक वृद्धि है। यह भारत के ऊर्जा बुनियादी ढाँचे के निर्माण में एक बड़ी तेजी को दर्शाता है।
भारत के इतिहास में पहली बार गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता ने जीवाश्म ईंधन क्षमता को पार किया — इसके आँकड़े क्या हैं?
भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन स्थापित क्षमता 2,71,969 MW तक पहुँच गई, जो पहली बार जीवाश्म ईंधन क्षमता 2,48,541 MW से अधिक हो गई। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से भारत की कुल स्थापित बिजली क्षमता लगभग 521 GW हो गई।
FY26 में भारत की नई बिजली क्षमता में नवीकरणीय स्रोतों की कितनी हिस्सेदारी रही और कौन-से स्रोत सबसे आगे रहे?
FY26 में जोड़ी गई 52,537 MW नई क्षमता में 75.5% हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का था। इस बढ़ोतरी में सौर और पवन ऊर्जा की सबसे बड़ी भूमिका रही, जो जीवाश्म ईंधन से हटने की दिशा में भारत के मजबूत बदलाव को दर्शाता है।
UNFCCC को दी गई भारत की NDC प्रतिबद्धताओं के तहत 2030 के लिए गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता लक्ष्य क्या है?
भारत ने UNFCCC को दिए गए अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) के तहत 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन बिजली क्षमता हासिल करने की प्रतिबद्धता जताई है। गैर-जीवाश्म क्षमता पहले ही ~272 GW तक पहुँच चुकी है, इसलिए भारत इस लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ रहा है।
भारत की कुल स्थापित बिजली क्षमता 521 GW तक पहुँचने का क्या महत्व है?
लगभग 521 GW के साथ भारत विश्व के सबसे बड़े बिजली उत्पादकों में शामिल है और ऊर्जा सुरक्षा व जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने की राह पर है। यह उपलब्धि वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में भारत की अग्रणी भूमिका को और पुष्ट करती है।